एनटीपीसी कोरबा ने प्रदर्शन और सामाजिक जिम्मेदारी में कायम की नई पहचान
कोरबा, 30 मार्च (हि. स.)। देश के प्रमुख तापीय विद्युत संयंत्रों में शामिल एनटीपीसी कोरबा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक योगदान के जरिए एक बार फिर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। 2600 मेगावाट क्षमता वाला यह संयंत्र कई राज्यों को बिजली आपूर्ति कर देश की ऊर्जा जरूरतों में अहम भूमिका निभा रहा है।
कोरबा प्रेस क्लब के सहयोग से आज सोमवार को आयोजित प्रेस मीट में सीजीएम किशोर चंद्र पात्रा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में संयंत्र ने प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) में लगातार छठे वर्ष शीर्ष स्थान हासिल किया है। साथ ही, फोर्स्ड आउटेज में करीब 50 प्रतिशत कमी और कई इकाइयों का 400 दिनों से अधिक निरंतर संचालन इसकी उच्च दक्षता को दर्शाता है।
पर्यावरण संरक्षण के तहत संयंत्र क्षेत्र के 33 प्रतिशत हिस्से में हरित आवरण विकसित किया गया है और 30 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं। ‘चरपारा ऐश डाइक’ का पुनर्विकास और 100 प्रतिशत से अधिक राख उपयोग इसकी स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सीएसआर गतिविधियों के तहत 25 हजार से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं, युवाओं को रोजगार और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ‘गर्ल एम्पावरमेंट मिशन’ के माध्यम से सैकड़ों बालिकाओं को शिक्षा और कौशल विकास से लाभान्वित किया गया है।
एनटीपीसी कोरबा को ऊर्जा दक्षता और सुरक्षा के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुके हैं। संयंत्र ने भविष्य में भी टिकाऊ और विश्वसनीय ऊर्जा उपलब्ध कराने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

