परसदा-केराझर झरना में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
रायगढ़, 25 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पर्यटन स्थलों पर बढ़ती लापरवाही और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने आज तहसील रायगढ़ स्थित परसदा-केराझर झरना एवं उसके आसपास के क्षेत्र में आम जनता और पर्यटकों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह निषेधाज्ञा जारी की है, जो आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।
प्रशासन के संज्ञान में आया है कि परसदा-केराझर वाटरफॉल में कुछ युवा सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। करीब 30 फीट ऊंचे झरने की अत्यंत फिसलन भरी चट्टानों से पानी में छलांग लगाने जैसे खतरनाक स्टंट किए जा रहे हैं। ऐसी गतिविधियां गंभीर दुर्घटना और जनहानि का कारण बन सकती हैं। मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने वाटरफॉल क्षेत्र को अति-संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्र मानते हुए यह कठोर कदम उठाया है।
जारी आदेश के अनुसार परसदा-केराझर वाटरफॉल तथा उसके आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में आम जनता, पर्यटकों, युवाओं एवं छात्र-छात्राओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वाटरफॉल की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों, रास्तों और वन क्षेत्र की पगडंडियों कोई प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। पिकनिक, रील या वीडियो बनाने, सेल्फी लेने अथवा किसी भी प्रकार के स्टंट के उद्देश्य से भी इस क्षेत्र में जाना प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर ने पुलिस विभाग को वाटरफॉल की ओर जाने वाले सभी प्रवेश मार्गों पर पुलिस चेक पोस्ट और बैरिकेडिंग स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सप्ताहांत एवं अवकाश के दिनों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश को रोका जा सके।
राजस्व, वन एवं पंचायत विभाग को वाटरफॉल के खतरनाक हिस्सों तथा पहुंच मार्गों पर बड़े और स्पष्ट ‘प्रवेश निषेध एवं ‘खतरा’ चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तहसीलदार रायगढ़ तथा संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को आसपास के क्षेत्रों और गांवों में लगातार मुनादी एवं लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को प्रतिबंध की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर वाटरफॉल क्षेत्र में प्रवेश करने, लोगों को प्रवेश के लिए उकसाने अथवा प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों की गंभीरता और आपातकालीन प्रकृति को देखते हुए यह आदेश एकतरफा जारी किया गया है। आदेश की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए इसे स्थानीय समाचार पत्रों, सोशल मीडिया, ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों एवं पुलिस थानों के सूचना पटल पर प्रदर्शित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परसदा-केराझर वाटरफॉल क्षेत्र में प्रवेश न करें और प्रशासन द्वारा जारी प्रतिबंध का पालन करें।
हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान

