तूता गांव में विस्थापन की कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं : एनआरडीए
रायपुर, 04 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तूता गांव में अतिक्रमण हटाने को लेकर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि वर्तमान में वहां विस्थापन की कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर अभी केवल नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, ग्राम तूता में अतिक्रमण संबंधी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर विधिवत निरीक्षण कराया गया और उसके बाद संबंधित पक्षों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।
एनआरडीए ने बताया कि 2 जुलाई को ग्राम के प्रतिनिधियों और समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा की। बैठक में यह सहमति बनी कि गांव में सभी पक्षों की बैठक आयोजित कर आम सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद पुनः प्राधिकरण के अधिकारियों से चर्चा कर लोकहित में समाधान निकाला जाएगा।
प्राधिकरण ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से भी समय-समय पर गांव के विभिन्न स्थानों से अतिक्रमण हटाने के संबंध में पत्र दिए जाते रहे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत संबंधित लोगों को प्राथमिक कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
प्राधिकरण ने कहा है कि उसका उद्देश्य किसी के साथ अन्याय करना नहीं, बल्कि कानून के अनुसार सार्वजनिक हित में कार्य करना है। आगे का हर निर्णय नियमों के अनुरूप और पूरी संवेदनशीलता के साथ लिया जाएगा, ताकि विकास कार्य भी प्रभावित न हों और सभी पक्षों के हितों का भी ध्यान रखा जा सके।
उल्लेखनीय है कि तूता गांव में 35 से अधिक परिवारों के घरों पर एनआरडीए की ओर से 30 जून को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस में संबंधित परिवारों से 6 जुलाई सुबह 11 बजे तक अपना पक्ष रखने को कहा गया है। इसमें यह भी उल्लेख है कि निर्धारित समय तक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। नोटिस के बाद गांव के लोगों को अपना घर टूटने का डर सता रहा है। इस बीच अब एनआरडीए ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में वहां विस्थापन की कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल

