सुकमा : विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, छह सचिवों पर गिरी गाज
सुकमा में विकास कार्यों की समीक्षा, पीएम आवास 2.0 से 'आशा योजना' तक कई बड़े फैसले
सुकमा, 1 अगस्त (हि .स.)। सुकमा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मुकुंद ठाकुर की अध्यक्षता में आज शनिवार काे सामान्य प्रशासन विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक आयोजित हुई । बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। लगातार अनुपस्थित रहने और कार्यों में लापरवाही बरतने वाले जनपद पंचायत सुकमा, कोण्टा और छिंदगढ़ के छह पंचायत सचिवों के निलंबन आदेश जारी किए गए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मंगम्मा सोयम, उपाध्यक्ष महेश कुंजाम, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
सीईओ मुकुंद ठाकुर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए बताया कि जिले में करीब 85 प्रतिशत आवास पूर्ण हो चुके हैं और लगभग 18,700 से अधिक हितग्राहियों को आवास का लाभ मिल चुका है। उन्होंने बारिश के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होने देने तथा जिन पात्र परिवारों का सर्वे नहीं हुआ है, उनका तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए। वहीं पीएम आवास 2.0 के तहत दोहरे लाभ लेने वाले अपात्रों की पहचान कर कार्रवाई करने को कहा।
स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान सीईओ ने 15 अगस्त तक केरलापाल पंचायत कैफे और सामुदायिक शौचालय शुरू कराने के निर्देश दिए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए स्थानीय बोलियों में प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। बैठक में लखपति दीदी योजना, इमली प्रोसेसिंग सेंटर तथा स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने की समीक्षा भी की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि रीपा योजना के स्थान पर अब 'आशा योजना' को मिशन मोड में संचालित किया जाएगा।
पुलिया निर्माण में अनियमितता की शिकायत जांच के आदेश
बैठक में प्रशासनिक अनुशासन को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। लगातार अनुपस्थित रहने और कार्यों में लापरवाही बरतने वाले जनपद पंचायत सुकमा, कोण्टा और छिंदगढ़ के छह पंचायत सचिवों के निलंबन और विभागीय जांच की समीक्षा की गई। वहीं मारोकी में 6 मीटर पुलिया निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के तहत धान चबूतरा और बाउंड्रीवॉल जैसे निर्माण कार्य अगले 10 दिनों के भीतर पूर्ण करने की समय-सीमा तय करते हुए सीईओ ने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहन ठाकुर

