शहर में निकली नारबोद रैली, दिखी लोक संस्कृति की जीवंत झलक
धमतरी, 08 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना जिला धमतरी द्वारा मंगलवार को पहली बार शहर में नारबोद रैली का आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे पुरानी मंडी, सिहावा चौक से रैली शुरू हुई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए एकलव्य खेल परिसर स्थित खेल मैदान पहुंची। रैली में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक विरासत की जीवंत झलक देखने को मिली।
पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे लोगों ने रैली को आकर्षक स्वरूप दिया। जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत किया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को छत्तीसगढ़ी रंग में रंग दिया। गेड़ी नृत्य, मांदरी नृत्य, पंथी नृत्य, राउत नाचा, कर्मा नृत्य, सुवा नृत्य और अखाड़ा दल की प्रस्तुतियां रैली का प्रमुख आकर्षण रहीं। वहीं छत्तीसगढ़ महतारी, पुरखों, नारबोद और भांचा राम की झांकियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। झांकियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। रैली के दौरान छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ समाज में भाईचारा कायम रखने का आह्वान किया गया।
मंचीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान की भावना को जगाने तथा समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नारबोद रैली का आयोजन किया गया है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष निखिलेश देवान ने कहा कि रैली का मुख्य संदेश जात-पात की करें विदाई, छत्तीसगढ़िया भाई-भाई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन लगातार किए जाएंगे। कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल, अजय यादव, दिनेश वर्मा, संयोजक ललित बघेल, प्रदेश सचिव दिनेश वर्मा, लक्ष्मी नारायण, चंचल महंत, अमित वर्मा, डा प्रेमुराम सिन्हा, चित्रलेखा देवदास, अशोक देवदास, गेंदलाल सिन्हा, सोमेश्वर साहू, यशवंत साहू, सोमन राम, पूनम प्रजापति, चंदा मरकाम, सोमेश्वर सोम, सुशील साहू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

