home page

जांजगीर-चांपा : म्यूल अकाउंट गिरोह के पांच आरोपित गिरफ्तार, 33 साइबर ठगी मामलों में 10.18 करोड़ की ठगी

 | 
जांजगीर-चांपा : म्यूल अकाउंट गिरोह के पांच आरोपित गिरफ्तार, 33 साइबर ठगी मामलों में 10.18 करोड़ की ठगी


जांजगीर-चांपा, 09 अगस्त (हि. स.)। साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट धारकों के खिलाफ साइबर थाना जांजगीर-चांपा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच आरोपिताें को गिरफ्तार कर आज रविवार काे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

जांच में आरोपिताें के बैंक खातों का संबंध देश के 11 राज्यों में दर्ज 33 साइबर फ्रॉड मामलों से सामने आया है। इन मामलों में कुल 10 करोड़ 18 लाख 19 हजार 809 रुपये की ठगी की गई है।

पुलिस जांच के अनुसार आरोपिताें ने कमीशन के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाए और उनसे जुड़े मोबाइल सिम भी साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे आगे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। आरोपिताें को इसके बदले हजारों से लेकर लाखों रुपये तक कमीशन मिलने की जानकारी सामने आई है।

समन्वय पोर्टल से मिले इनपुट के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने बैंक खातों और लेन-देन की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों की जांच में पता चला कि आरोपिताें के उपलब्ध कराए गए खातों में साइबर ठगी से जुड़ी करीब 66 लाख 557 रुपये की रकम ट्रांसफर हुई थी।

जांच में सामने आए 33 मामलों में आंध्र प्रदेश के 4, गोवा के 2, गुजरात के 5, हिमाचल प्रदेश के 2, कर्नाटक के 6, महाराष्ट्र के 3, राजस्थान के 2, तेलंगाना के 4, उत्तर प्रदेश के 2, पश्चिम बंगाल के 1 और छत्तीसगढ़ के 2 साइबर फ्रॉड मामले शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपिताें की पहचान सत्यनारायण आदित्य निवासी किकिरदा थाना बिर्रा, तुषार सिंह राठौर निवासी फरसवानी थाना उरगा जिला कोरबा, हरिश कुमार देवांगन निवासी सिवनी थाना चांपा, ओम प्रकाश केंवट निवासी फरसवानी थाना उरगा जिला कोरबा और मनोज कुमार मांझी निवासी चांपा के रूप में हुई है।

पूछताछ में तुषार सिंह राठौर, ओम प्रकाश केंवट और सत्यनारायण आदित्य ने पुलिस को बताया कि संदीप चंद्रा और उसके साथियों ने कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाए थे। मोबाइल नंबर भी चालू करवाए गए और बैंक खाते साइबर अपराधियों को इस्तेमाल के लिए दे दिए गए। इसके बदले उन्हें कमीशन के रूप में रकम मिलती थी।

पुलिस के अनुसार संदीप चंद्रा वर्तमान में बिलासपुर रेंज के साइबर थाने में दर्ज एक साइबर फ्रॉड मामले में केंद्रीय जेल में बंद है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

साइबर थाना जांजगीर-चांपा में आरोपिताें के खिलाफ अपराध क्रमांक 06/2026 के तहत बीएनएस की धारा 61(2), 317(4), 317(5), 318(4) और 323 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिन्हें लोग कमीशन या आर्थिक लालच में साइबर अपराधियों को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराते हैं। साइबर ठग इन खातों में ठगी की रकम मंगाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर करते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें।

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।

इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, सउनि विवेक सिंह, आरक्षक प्रदीप दुबे, चिरंजीव कुमार सहित साइबर थाना टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT