कोरबा: मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना बनी मजदूर परिवार का सहारा, बेटी की आईटीआई फीस हुई जमा
कोरबा, 12 अक्टूबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों की बेटियों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कोरबा जिले में इस योजना का लाभ मिलने से एक मजदूर परिवार की बेटी की तकनीकी शिक्षा को नई दिशा मिली है। श्रम विभाग के माध्यम से मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता से परिवार ने अपनी बेटी की आईटीआई की फीस जमा की है। इससे बेटी की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली है और परिवार की आर्थिक चिंता भी कम हुई है।
कोरबा जिले के गणेश चौक, पोड़ीबहार निवासी सावित्री बाई तंवर का परिवार मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता है। उनके पति बुढ़वा सिंह तंवर मिस्त्री का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और अन्य घरेलू जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में शासन की कल्याणकारी योजनाएं परिवार के लिए सहारा बन रही हैं।
सावित्री बाई तंवर का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में रेजा-कुली श्रमिक के रूप में पंजीयन है। श्रम विभाग के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत उनकी द्वितीय संतान के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई। सहायता राशि मिलने के बाद उन्होंने अपनी बेटी की आईटीआई प्रशिक्षण की फीस जमा की।
सावित्री बाई ने बताया कि परिवार की आय सीमित होने के कारण बेटी की तकनीकी शिक्षा का खर्च उठाना आसान नहीं था। ऐसे समय में श्रम विभाग की योजना से मिली आर्थिक सहायता ने बड़ी राहत पहुंचाई। अब उनकी बेटी आईटीआई में तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए खुद को तैयार कर रही है।
श्रमिक परिवार की बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता बेटियों की पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद कर रही है।
सावित्री बाई तंवर को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के साथ महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं से परिवार को आर्थिक संबल मिला है। विशेष रूप से बेटी की पढ़ाई के लिए मिली सहायता उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है।
सावित्री बाई ने कहा कि सरकार की योजनाओं से गरीब और श्रमिक परिवारों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। बेटी की शिक्षा जारी रहने से परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने इस सहयोग के लिए श्रम विभाग कोरबा और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
कोरबा जिले की सावित्री बाई तंवर की कहानी इस बात का उदाहरण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने से न केवल उनकी आर्थिक परेशानियां कम होती हैं, बल्कि बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता का रास्ता भी आसान होता है।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

