‘मोर गांव–मोर पानी’ अभियान से गांव-गांव में जल संरक्षण को बढ़ावा, जिले में 18 हजार से अधिक सोक पिट का निर्माण
जांजगीर-चांपा, 09 मार्च (हि. स.)। जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से “मोर गांव–मोर पानी” अभियान के तहत गांव-गांव में जल संचय जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में एक मार्च से शुरू किए गए इस अभियान के तहत बड़े पैमाने पर सोक पिट और रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस अभियान को और व्यापक रूप देते हुए जिले के विभिन्न गांवों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर जल संरक्षण की शपथ ली और अपने गांवों में जल संचयन संरचनाओं के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाई।
अभियान के तहत वर्षा जल के अधिकतम संचयन और भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से सोखता गड्ढों और रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को रिचार्ज पिट, सोखता गड्ढा और वर्षा जल संचयन के महत्व के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि “मोर गांव–मोर पानी अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गांव में जल संरक्षण की मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। यदि हर घर में रिचार्ज पिट और सोखता गड्ढा बनाए जाएं तो वर्षा जल का संरक्षण कर भविष्य में जल संकट से बचा जा सकता है।” उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से रैली, जनजागरूकता अभियान, कार्यशालाएं और दीवार लेखन जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहा है।
अभियान के तहत जिले में अब तक 18,032 सोक पिट का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि 10,974 सोक पिट निर्माणाधीन हैं। जनपद पंचायत अकलतरा में 10,042 सोक पिट पूर्ण और 2,022 प्रगतिरत हैं। बलौदा में 2,840 पूर्ण और 2,075 प्रगतिरत, बम्हनीडीह में 2,638 पूर्ण और 2,665 प्रगतिरत, नवागढ़ में 567 पूर्ण और 2,194 प्रगतिरत तथा पामगढ़ में 1,945 पूर्ण और 2,018 प्रगतिरत सोक पिट निर्माण कार्य जारी है।
इसी प्रकार जिले में अब तक 190 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 436 संरचनाएं निर्माणाधीन हैं। जनपद पंचायत अकलतरा में 95 संरचनाएं पूर्ण और 135 प्रगतिरत हैं। बम्हनीडीह में 25 पूर्ण और 36 प्रगतिरत, नवागढ़ में 12 पूर्ण और 113 प्रगतिरत तथा पामगढ़ में 58 पूर्ण और 152 प्रगतिरत रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाकर जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचा जा सके और भू-जल स्तर को मजबूत किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

