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आधुनिक तकनीक और अनुसंधान से बढ़ेगी किसानों की आय, कृषि को मिलेगी नई दिशा : रामविचार नेताम

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आधुनिक तकनीक और अनुसंधान से बढ़ेगी किसानों की आय, कृषि को मिलेगी नई दिशा : रामविचार नेताम


आधुनिक तकनीक और अनुसंधान से बढ़ेगी किसानों की आय, कृषि को मिलेगी नई दिशा : रामविचार नेताम


अध्ययन, शोध और छात्रावास की सुविधाओं की ली जानकारी

धमतरी, 01 जुलाई (हि.स.)। कृषि विकास एवं किसान कल्याण, आदिम जाति विकास, जैव प्रौद्योगिकी, मछलीपालन तथा पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बुधवार को धमतरी जिले के प्रवास के दौरान कृषि, अनुसंधान और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण कर किसानों के हित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कुरुद का भ्रमण कर वहां संचालित शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों का जायजा लिया तथा कहा कि कृषि में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

महाविद्यालय पहुंचने पर अधिष्ठाता डाॅ. नवनीत राणा ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान परियोजनाओं और कृषि नवाचारों की जानकारी दी। मंत्री ने आधुनिक प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षा फोरम और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का निरीक्षण किया तथा छात्र-छात्राओं से संवाद कर अध्ययन, शोध और छात्रावास की सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कृषि संग्रहालय में विद्यार्थियों द्वारा तैयार कृषि मॉडल, वैज्ञानिक प्रदर्शनी और मशरूम प्रसंस्कृत उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार भविष्य की आत्मनिर्भर और तकनीक आधारित कृषि व्यवस्था की मजबूत नींव हैं।

इस दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त परदेशी सिद्धार्थ कोमल ने नई शिक्षा नीति, कृषि अनुसंधान और कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग पर विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए उन्हें तकनीकी दक्षता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। प्रवास के दौरान मंत्री ने ग्राम मरौद में बीज प्रसंस्करण इकाई एवं नील-हरित काई उत्पादन, ग्राम चर्रा में मुर्गीपालन और बकरी पालन, ग्राम छाती में मखाना की खेती तथा ग्राम देमार स्थित संजय गांधी फिश हेचरी का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और मत्स्यपालकों को मछली बीज का वितरण भी किया।

रामविचार नेताम ने कहा कि आधुनिक कृषि शिक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उन्नत तकनीकों का समावेश कृषि क्षेत्र को नई दिशा देगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शोध और ज्ञान को खेतों तक पहुंचाकर किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए, ताकि कृषि उत्पादन और उत्पादकता में निरंतर वृद्धि हो सके। इस अवसर पर संचालक कृषि राहुल देव, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुरूद, उप संचालक कृषि मोनेश साहू, उप संचालक पशुपालन मरकाम, सहायक संचालक उद्यानिकी गीता साहू, सहायक संचालक मछलीपालन कमल कुमार, कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा