गंगरेल बांध में डूबा क्रूजर, डूबे सैलानियों को बचाने हुआ माकड्रिल
धमतरी, 02 मई (हि.स.)। गंगरेल बांध में जल दुर्घटनाओं की आशंका से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए दो मई को गंगरेल बांध में बोटिंग के दौरान कू्रजर पानी में डूब गया और उसमें सवार डूबे सैलानियों को सुरक्षित निकालने के लिए सफल माकड्रिल हुआ। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में बेहतर बचाव कार्य करना था।
गंगरेल बांध बड़ा पर्यटन क्षेत्र है, यहां सैलानियों के लिए गंगरेल बांध में कई तरह की बोटिंग चलता है, जिसमें बड़ा क्रूजर भी शामिल है। बोटिंग के दौरान यदि आपात की स्थिति बनती है, तो इससे निबटने के लिए यहां समय-समय पर माकड्रिल होता रहता है, ताकि लोगों का विश्वास यहां बना रहे।
गंगरेल बांध किनारे बोटिंग क्षेत्र में दो मई को माकड्रिल के लिए एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें एक नाव व क्रूजर के असंतुलित होकर पलटने की स्थिति उत्पन्न होना दर्शाया गया। इस दौरान कुछ यात्रियों के पानी में गिरने की घटना को भी प्रदर्शित किया गया। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम, पुलिस विभाग, होमगार्ड तथा अन्य संबंधित एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और सुनियोजित ढंग से बचाव कार्य प्रारंभ किया।
रेस्क्यू दल द्वारा मोटर बोट एवं आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की सहायता से पानी में गिरे व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तत्पश्चात मेडिकल टीम द्वारा मौके पर ही प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया तथा आवश्यकता अनुसार घायलों को अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। पूरी माकड्रिल के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की तत्परता और दक्षता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि गंगरेल बांध एक प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण यहां सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया है कि नाव संचालन के दौरान प्रत्येक यात्री को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनाई जाए। किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए। इस प्रकार के माकड्रिल समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे आपदा की स्थिति में जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले भी जलाशय स्थित दोनों प्रमुख बोटिंग प्वाइंट्स पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया था। इस दौरान उपलब्ध जीवन रक्षक उपकरणों जैसे लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वाय, आपातकालीन किट एवं बोट की तकनीकी स्थिति की बारीकी से जांच की गई थी।
माकड्रिल में दोनों बोटिंग कंपनियां (सत्तू एवं असकंद) के प्रबंधक एवं उनकी टीम, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, होमगार्ड तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन से जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों को और अधिक मजबूती मिली है। माकड्रिल से एक दिन पहले एक मई को गंगरेल निरीक्षण दल ने बोट संचालकों को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन करने के निर्देश भी दिए। जलाशय स्थित दोनों प्रमुख बोटिंग प्वाइंट्स पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया था। इस दौरान उपलब्ध जीवन रक्षक उपकरणों जैसे लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वाय, आपातकालीन किट एवं बोट की तकनीकी स्थिति की बारीकी से जांच की गई।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

