home page

रायगढ़ साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 150 गुम मोबाइल बरामद

 | 
रायगढ़ साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 150 गुम मोबाइल बरामद


रायगढ़ , 24 अगस्त (हि.स.)।साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस द्वारा लगातार तकनीक आधारित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर साइबर पुलिस थाना रायगढ़ ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पिछले तीन माह में गुम एवं चोरी हुए 150 मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए हैं।

बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 37 लाख 50 हजार रुपये से अधिक है।आज पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक एवं साइबर पुलिस टीम की मौजूदगी में बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए।

जिले के विभिन्न थानों में गुम मोबाइल संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल का लगातार उपयोग किया जा रहा है। मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद शिकायतकर्ता द्वारा पोर्टल पर मोबाइल की जानकारी दर्ज करने पर संबंधित मोबाइल काआईएमईआई नंबर सिस्टम में दर्ज किया जाता है और मोबाइल को ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके बाद साइबर पुलिस संबंधित मोबाइल को तकनीकी निगरानी में रखती है। जब कोई व्यक्ति गुम मोबाइल में दूसरी सिम डालकर उसका उपयोग करता है तो टेलीकॉम नेटवर्क के माध्यम से प्राप्त नई गतिविधि की जानकारी साइबर पुलिस तक पहुंचती है। इसके बाद पुलिस तकनीकी जानकारी का विश्लेषण कर मोबाइल की लोकेशन और उपयोगकर्ता की पहचान तक पहुंचती है तथा टेलीकॉम कंपनियों के सहयोग से मोबाइल को बरामद करती है।

साइबर डीएसपी शिखर मरावी के पर्यवेक्षण और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में टीम ने पोर्टल से प्राप्त शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की। पिछले तीन महीनों में 150 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस एवं रिकवर किए गए। ये मोबाइल रायगढ़ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अलावा बिहार, कोलकाता, कोरबा, जांजगीर तथा धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया क्षेत्र में उपयोग किए जा रहे थे।

थाना साइबर पुलिस द्वारा बरामद मोबाइलों में कई नामी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन शामिल हैं। इन 150 मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 37 लाख 50 हजार रुपये से अधिक है। मोबाइल वापस मिलने वालों में ऐसे लोग भी शामिल रहे, जिन्होंने लंबे समय से अपने फोन के मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। पुलिस द्वारा जब उन्हें उनका मोबाइल वापस सौंपा गया तो उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने भावुक होकर एसएसपी शशि मोहन सिंह और साइबर पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया तथा पुलिस अधिकारियों के साथ सेल्फी भी ली।

मोबाइल वितरण कार्यक्रम में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल केवल बातचीत का साधन नहीं रह गया है। इसमें लोगों की बैंकिंग जानकारी, महत्वपूर्ण दस्तावेज, निजी फोटो, संपर्क नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट और व्यक्तिगत यादें सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में मोबाइल गुम होना किसी व्यक्ति के लिए आर्थिक नुकसान के साथ-साथ निजी जानकारी की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय भी है। उन्होंने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति का गुम या चोरी हुआ मोबाइल अपने पास रखना अथवा उसका उपयोग करना उचित नहीं है।

इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने शिकायतों की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए पोर्टल से प्राप्त तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया और अलग-अलग स्थानों पर उपयोग किए जा रहे मोबाइलों को ट्रेस किया।

मोबाइल रिकवरी अभियान में उपनिरीक्षक संजय नाग, सहायक उपनिरीक्षक नंदकुमार सारथी, ज्योत्सना शर्मा, महिला प्रधान आरक्षक रेनू सिंह मांडवी, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह, रूपराम पटेल, करुणेश राय, बृजलाल गुर्जर, महिला आरक्षक मेनका चौहान, आरक्षक धनंजय कश्यप, महेश पंडा, प्रशांत पंडा, पुष्पेंद्र जाटवर, रविंद्र गुप्ता, मनोज पटनायक, नवीन शुक्ला, विकास प्रधान, रोशन एक्का, गोविंद पटेल एवं गजेंद्र प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान