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मिशन लाइफ आधारित कार्यशाला, स्कूली शिक्षक-शिक्षिकाओं को मिला इको क्लब प्रशिक्षण

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मिशन लाइफ आधारित कार्यशाला, स्कूली शिक्षक-शिक्षिकाओं को मिला इको क्लब प्रशिक्षण


जगदलपुर, 22 अगस्त (हि.स.)। पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जगतु महाराज शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जगदलपुर में आज शनिवार काे 'मिशन लाइफ' आधारित जिलास्तरीय इको क्लब एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार और जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल एवं जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे के मार्गदर्शन तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में बस्तर जिले के लगभग 40 शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की।

इस कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों और आम जनमानस में पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सतत जीवनशैली और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए ऐसे प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यालय स्तर पर इको क्लब की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित कर विद्यार्थियों को सीधे पर्यावरण संरक्षण से जोड़ें। इसी क्रम में जयनारायण पाणिग्रही ने जिले भर में इन गतिविधियों के सुचारू संचालन और सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। तकनीकी एवं जागरूकता सत्रों के दौरान विषय विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

जी. सुभद्रा राव ने इको क्लब के मूल उद्देश्यों व भूमिका को स्पष्ट किया, वहीं मनीष कुमार अहीर ने मिलेट्स आधारित खानपान और पर्यावरण संरक्षण के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। चंद्रकांत देशमुख ने एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों और उसके व्यावहारिक विकल्पों के प्रयोग पर जोर दिया, जबकि नंदकुमार पटेल ने पर्यावरण संरक्षण के दूरगामी प्रभावों व महत्व को समझाया।

प्रशिक्षण प्रभारी दीप्ति ठाकुर ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तौर-तरीके बताए, वहीं पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर से पहुंचे नितिन ने संबंधित पोर्टल पर लॉगिन करने और विद्यालयीन गतिविधियों की ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि की पूरी तकनीकी प्रक्रिया समझाई। मनीष कुमार अहीर के संचालन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम के समापन पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। कार्यशाला का समापन “इको क्लब–एक पेड़, माँ के नाम” के प्रेरक संकल्प के साथ हुआ, जिसके तहत यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों की भागीदारी से पौधारोपण, प्लास्टिक मुक्ति, मिलेट्स का उपयोग, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत जीवनशैली से जुड़ी गतिविधियां निरंतर और प्रभावी रूप से संचालित की जाएंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे