home page

शंकरगढ़ के तीन संकुलों में प्रधान पाठकों को मिला गतिविधि आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण

 | 
शंकरगढ़ के तीन संकुलों में प्रधान पाठकों को मिला गतिविधि आधारित शिक्षण का प्रशिक्षण


मिशन आचार्या के तहत कार्यशाला में पढ़ने की घंटी, साझा पठन और रचनात्मक लेखन का दिया गया डेमो

बलरामपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। बच्चों की पढ़ाई को रुचिपूर्ण और प्रभावी बनाने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दिया जा रहा है। आज शनिवार को मिशन आचार्या के तहत विकासखंड शंकरगढ़ के डीपाडीह, घुघरीकला और दुर्गापुर संकुलों में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों को शिक्षण की नई और प्रभावी गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में प्रतिदिन 20 मिनट पुस्तक वाचन, छोटी-छोटी रचनात्मक लेखन गतिविधियां, पढ़ने की घंटी और साझा पठन जैसी गतिविधियों का डेमो दिया गया। प्रधान पाठकों को इन गतिविधियों को अपने-अपने विद्यालयों में आसानी से लागू करने के तरीके भी बताए गए।

मिशन आचार्या के तहत शंकरगढ़ विकासखंड में रोस्टर तैयार कर प्रत्येक शनिवार पांच-पांच संकुलों के प्रधान पाठकों के साथ प्रशिक्षण और चर्चा की जा रही है। इसमें गतिविधि आधारित शिक्षण के साथ खेल-खेल में शिक्षण, साझा पठन, पढ़ने की घंटी और गणित का कोना जैसे विषयों पर डेमो के माध्यम से जानकारी दी जाती है।

प्रशिक्षण के बाद शिक्षक इन गतिविधियों को विद्यालयों में लागू कर बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पुस्तक वाचन, रचनात्मक लेखन और गणित से जुड़ी गतिविधियों के जरिए बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मिशन आचार्या के माध्यम से ‘हर बच्चा सीखे, हर शिक्षक प्रेरित करे, हर विद्यालय उत्कृष्ट बने’ के लक्ष्य के साथ विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और रुचिपूर्ण बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय