ग्रामीणों की सजगता और सरगुजा पुलिस की तत्परता से सुरक्षित मिला गुमशुदा बालक, आरपीएफ को सौंपा गया
अम्बिकापुर, 21 जुलाई (हि.स.)। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुआ एक नाबालिग बालक ग्रामीणों की सजगता और पुलिस की त्वरित कार्यवाही से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। सरगुजा डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देशानुसार चलाए गए खोज अभियान के तहत बालक को रघुनाथपुर चौकी के माध्यम से आज आरपीएफ अम्बिकापुर के सुपुर्द कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 15 जुलाई को गांधीनगर थाने में एक ग्रामीण ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके नाबालिग बेटे को रेलवे स्टेशन से कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धारा 137(2) बी.एन.एस. के तहत शून्य पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। इसी दौरान ग्राम गांजाडांड के एक ग्रामीण को यह बालक लावारिस हालत में मिला। ग्रामीण ने बिना समय गंवाए बालक को अपने संरक्षण में रखा और परिजनों का सुराग न मिलने पर उसे रघुनाथपुर चौकी में प्रस्तुत किया। पुलिस और आरपीएफ की टीम ने जब मिलान किया, तो बालक की पहचान अम्बिकापुर स्टेशन से गुम हुए बच्चे के रूप में हुई। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मामले की अग्रिम विवेचना हेतु डायरी आरपीएफ बिलासपुर को भेज दी गई है।
इसी बीच, गांधीनगर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक अन्य गुमशुदगी के मामले का भी चंद घंटों में पटाक्षेप कर दिया। एमजी रोड निवासी एक व्यक्ति ने 20 जुलाई की रात अपने नाबालिग बेटे के अचानक लापता होने की सूचना दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की, लेकिन छानबीन के दौरान बालक अपने ही घर के एक हिस्से में छुपा हुआ मिला। पूछताछ में बालक ने स्वीकार किया कि वह पढ़ाई से बचने के लिए घर में ही छुप गया था। पुलिस ने बालक को समझा-बुझाकर सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
इस पूरी सफलता में गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक सुनीता मिंज, रघुनाथपुर चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक आर. एन. पटेल, प्रधान आरक्षक गणेश कदम और आरक्षक उमेश खुटिया की सराहनीय भूमिका रही।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

