जिला अस्पताल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: हर माह दो लाख खर्च के बावजूद नाबालिग बना डॉक्टर, वार्डों में करता रहा इलाज
आत्महत्या, चोरी और सुरक्षा चूक के बाद एजेंसी ब्लैकलिस्ट, तीन साल तक टेंडर पर रोक
धमतरी, 09 मई (हि.स.) अस्पताल प्रबंधन हर माह करीब दो लाख रुपये निजी सुरक्षा एजेंसी पर खर्च कर रहा था, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल परिसर में लगातार गंभीर घटनाएं होती रहीं। सबसे चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब बालोद जिले का एक नाबालिग लड़का डॉक्टर का भेष बनाकर तीन दिनों तक वार्डों में घूमता रहा और महिला मरीजों की जांच के नाम पर दुर्व्यवहार करता रहा।
मामले का खुलासा होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें युवक की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। इसके बाद उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया। जांच में पता चला कि वह नाबालिग है और बालोद जिले का रहने वाला है। इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी।
सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार टोंडर ने बताया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान में बिना पहचान जांच के किसी व्यक्ति का महिला वार्डों तक पहुंच जाना सुरक्षा एजेंसी की बड़ी लापरवाही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अस्पताल परिसर में आत्महत्या और चोरी की कई घटनाएं भी सामने आई थीं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
आत्महत्या और चोरी की घटनाओं से बढ़ी चिंता
जिला अस्पताल में 11 मार्च को बर्न वार्ड के शौचालय में एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं 30 मार्च की रात एक पुरुष मरीज अस्पताल से बाहर निकल गया और बाद में शहर के पीडी नाले के पास फांसी पर लटका मिला। इसके अलावा वार्डों से मरीजों के सामान चोरी होने और अस्पताल परिसर में लगे एसी के कॉपर वायर चोरी होने की घटनाएं भी लगातार सामने आईं।
जांच में यह भी सामने आया कि सुरक्षा एजेंसी ने निविदा में 25 गार्ड तैनात करने का दावा किया था, लेकिन पूरे वर्ष अस्पताल में केवल 18 से 20 गार्ड ही ड्यूटी पर मौजूद रहे। सुरक्षा कर्मियों का पुलिस सत्यापन तक नहीं कराया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने एजेंसी को चार से पांच बार नोटिस जारी कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
एजेंसी ब्लैकलिस्ट, तीन साल तक टेंडर पर रोक:
लगातार सुरक्षा चूक और लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिला अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित निजी सुरक्षा एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब यह एजेंसी अगले तीन वर्षों तक जिला अस्पताल की किसी भी टेंडर प्रक्रिया में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं ले सकेगी।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक सप्ताह के भीतर नई निविदा जारी की जाएगी। इसके लिए समिति बनाकर नियम और शर्तें तय की जाएंगी। साथ ही मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइवलीहुड कॉलेज धमतरी से प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता को लेकर पत्राचार किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

