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पीएम आवास योजना में 352 पात्र परिवारों को अपात्र घोषित करने का आरोप, देमार के ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट

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पीएम आवास योजना में 352 पात्र परिवारों को अपात्र घोषित करने का आरोप, देमार के ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट


-ग्रामीणों ने कहा जांच नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन

धमतरी, 14 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र होने के बावजूद मकान स्वीकृत नहीं होने से नाराज ग्राम पंचायत देमार के ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि शासन की निर्धारित नियमावली के अनुसार सर्वे में पात्र पाए जाने के बाद भी बड़ी संख्या में लोगों के नाम अंतिम सूची से हटा दिए गए, जिससे वे आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्राम पंचायत देमार के सरपंच विमलेश मीनपाल, पूर्व सरपंच दिनेश कुमार साहू, गोपालपुरी गोस्वामी, रामटेके सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में ग्राम पंचायत देमार के 506 परिवार पात्र पाए गए थे, लेकिन विभाग की ओर से जारी अंतिम सूची में केवल 154 हितग्राहियों के ही आवास स्वीकृत किए गए, जबकि 352 परिवारों को अपात्र घोषित कर दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यह गंभीर प्रशासनिक त्रुटि है, जिसकी जांच कर वास्तविक पात्र हितग्राहियों के नाम पुनः सूची में शामिल किए जाने चाहिए, ताकि वे भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेकर अपना पक्का घर बना सकें। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई परिवार वर्षों से जर्जर कच्चे मकानों में जीवनयापन कर रहे हैं। बरसात के दिनों में मकानों के गिरने का खतरा बना रहता है, इसके बावजूद पात्रता होने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य गरीबों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन विभागीय स्तर पर हुई कथित गड़बड़ी के कारण अनेक जरूरतमंद परिवार इस सुविधा से वंचित हैं।

आवेदक तिलेश्वरी साहू ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है और मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनका कच्चा मकान पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जो बारिश के दौरान कभी भी गिर सकता है, जिससे परिवार की जान पर खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि वे बीपीएल कार्डधारी हैं और योजना की सभी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, इसके बावजूद उनका नाम स्वीकृत सूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र आवास स्वीकृत करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सर्वे सूची की त्रुटियों को सुधारकर सभी पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत नहीं किए गए तो वे आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

उल्लेखनीय है कि केवल ग्राम पंचायत देमार ही नहीं, बल्कि जिले की अन्य ग्राम पंचायतों से भी प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। अब तक पांच से अधिक गांवों के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचकर सर्वे सूची में कथित गड़बड़ी और पात्र परिवारों के नाम हटाए जाने की शिकायत दर्ज करा चुके हैं। लगातार बढ़ती शिकायतों ने योजना के सर्वे और पात्रता निर्धारण प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर वास्तविक पात्र परिवारों को न्याय दिलाएगा और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा