गांव-गांव पहुंच रहा नशा मुक्ति संदेश, महिलाओं ने निकाली जागरूकता रैली
पांच युवाओं का सार्वजनिक सम्मान
गांव में महिलाओं द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई।
धमतरी, 06 मार्च (हि.स.)। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में चल रहे नशा मुक्त भारत अभियान के तहत गायत्री परिवार जिला धमतरी के भखारा ब्लॉक में गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रति सप्ताह अलग-अलग गांवों में रैली और गोष्ठियों का आयोजन कर लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है और उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में आज शुक्रवार काे ग्राम तर्रीगोंदी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नशा छोड़ने का संकल्प लेने वाले पांच युवाओं का सार्वजनिक मंच से सम्मान किया गया। आकाश साहू, राहुल साहू, सुधांशु साहू, अभिषेक निषाद और संतोष साहू को माला पहनाकर और उनका उत्साहवर्धन कर समाज के सामने उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की और अन्य युवाओं को भी नशा छोड़ने की प्रेरणा दी। इससे पहले ग्राम पचपेड़ी में जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें गायत्री परिवार के प्रज्ञा मंडल, महिला मंडल और युवा मंडल के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
रैली में बैनर-पोस्टर, नारे, नशा मुक्ति गीत और जनजागरण के माध्यम से ग्रामीणों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। इसके बाद आयोजित गोष्ठी में ग्रामीणों को नशे से होने वाली सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। गोष्ठी में गायत्री मंदिर ट्रस्ट के जिला समन्वयक दिलीप नाग ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत यह जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेगा और अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचकर लोगों को नशा मुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा प्रकोष्ठ के संतराम निषाद, डॉ. प्रहलाद साहू, ब्लॉक समन्वयक टीका राम साहू, भगवती साहू, हेमलाल साहू, दुलार सिन्हा, भीषम साहू, उपांशु साहू, मानसिंग साहू, बबीता साहू, जागेश्वरी, पुष्पा साहू, चंद्रवती साहू, फूलेश्वरी, लोकेश्वरी, संतोष, नंद कुमार सहित अनेक गायत्री परिजनों का विशेष सहयोग रहा।
नशापान से शरीर और मन पर पड़ता है बुरा प्रभाव:
गायत्री मंदिर ट्रस्ट के जिला समन्वयक दिलीप नाग ने कहा कि शराब, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और अन्य नशीली वस्तुओं का सेवन करने से शरीर और मन दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे अनेक गंभीर बीमारियां जन्म लेती हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के सामाजिक स्तर को भी गिराती है और घर-परिवार में कलह का कारण बनती है। इसलिए समाज के हर वर्ग को नशा छोड़ने का संकल्प लेना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

