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एमसीबी : कलेक्टर ने जारी की न्यूनतम वेतन की नई दरें, 1 अप्रैल से मिलेगा बढ़ा हुआ भत्ता

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एमसीबी : कलेक्टर ने जारी की न्यूनतम वेतन की नई दरें, 1 अप्रैल से मिलेगा बढ़ा हुआ भत्ता


मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 08 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 की धारा 3(बी) के तहत जिले में संशोधित न्यूनतम वेतन दरों की अधिसूचना जारी कर दी गई है। नई दरें 01 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के लिए प्रभावी होंगी, जिसमें मूल वेतन के साथ-साथ परिवर्तनशील महंगाई भत्ता भी शामिल किया गया है। प्रशासन के इस कदम का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को आर्थिक संबल प्रदान करना और महंगाई के दौर में उनके पारिश्रमिक को संतुलित करना है।

अधिसूचना के अनुसार, वेतन दरों को कृषि नियोजन और अन्य शासकीय विभागों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है। कृषि कार्यों में लगे अकुशल श्रमिकों के लिए 6,900 रुपये मूल वेतन और 2,450 रुपये महंगाई भत्ता मिलाकर कुल 9,350 रुपये मासिक वेतन तय किया गया है, जिसका दैनिक आधार पर भुगतान 312 रुपये होगा। वहीं, अन्य शासकीय विभागों में दैनिक वेतन भोगियों के लिए जोन के आधार पर पारिश्रमिक तय किया गया है। जोन 'अ' के अकुशल श्रमिकों को अब 11,402 रुपये मासिक (439 रुपये दैनिक), अर्द्धकुशल को 12,052 रुपये (464 रुपये दैनिक), कुशल को 12,832 रुपये (494 रुपये दैनिक) और उच्च कुशल श्रमिकों को 13,612 रुपये मासिक (524 रुपये दैनिक) वेतन दिया जाएगा। इसी प्रकार जोन 'ब' और 'स' के लिए भी श्रेणियों के अनुसार अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं।

भौगोलिक और औद्योगिक आधार पर श्रेणियों का वर्गीकरण करते हुए स्पष्ट किया गया है कि जोन 'अ' में जिले के सभी औद्योगिक क्षेत्र और वे कारखाने शामिल होंगे जहाँ 300 या अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। जोन 'ब' के दायरे में नगर पालिका निगम सीमा और उसके आसपास का 8 किलोमीटर का क्षेत्र आएगा, जबकि शेष अन्य सभी क्षेत्र जोन 'स' के अंतर्गत माने जाएंगे। जिला प्रशासन ने वेतन भुगतान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया है कि मासिक वेतन की गणना कैलेंडर माह की समाप्ति पर होगी, जबकि दैनिक वेतन निकालने के लिए कुल मासिक राशि को 26 दिनों से विभाजित किया जाएगा।

श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए अधिसूचना में कुछ महत्वपूर्ण नियम भी जोड़े गए हैं। अब लगातार छह दिनों तक कार्य करने वाले श्रमिकों को एक दिन का सवेतन अवकाश अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाएगा। वेतन निर्धारण में लैंगिक समानता का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके तहत पुरुष और महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देय होगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई श्रमिक दिन में केवल चार घंटे कार्य करता है, तो वह आधे वेतन का हकदार होगा। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को इन नई दरों का तत्काल प्रभाव से कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह