कृष्ण कुंज एक बार फिर भीषण आग की चपेट में , छोटे-बड़े पेड़-पौधे जलकर राख
धमतरी, 02 मई (हि.स.)। धमतरी जिले के नगर पंचायत भखारा स्थित कृष्ण कुंज एक बार फिर भीषण आग की चपेट में आ गया। लगातार दूसरे वर्ष हुई इस घटना ने जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरियाली बचाने के बड़े-बड़े दावे करने वाला तंत्र इस बार भी आग के आगे बेबस नजर आया, और देखते ही देखते सैकड़ों छोटे-बड़े पेड़-पौधे जलकर राख हो गए।
पूर्व में राज्य शासन द्वारा “कृष्ण कुंज” योजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर इस क्षेत्र में मिश्रित फलदार पौधों का रोपण कराया गया था। उद्देश्य था हरियाली बढ़ाना और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना। लेकिन मेंटेनेंस पर खर्च के बावजूद जमीनी स्तर पर सुरक्षा और देखरेख की भारी कमी उजागर हो रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सूखी घास, झाड़ियों और खेतों में जलाई जा रही पराली के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। कुछ ही समय में पूरी हरियाली आग की लपटों में समा गई। कई पेड़ पूरी तरह जल गए, जबकि बचे हुए पौधे भी बुरी तरह झुलस गए। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण नुकसान को रोका नहीं जा सका।
भखारा के बंशी साहू, पुरानिक साहू, दिलकरण साहू का कहना है कि लगातार दो साल से आग लग रही है, लेकिन कोई जिम्मेदारी लेने वाला नहीं है। सिर्फ कागजों में काम होता है। अगर समय पर झाड़ियों की सफाई होती, तो आग इतनी नहीं फैलती। साफ-सफाई के नाम पर लाखों खर्च होते हैं, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं दिखता। इस संबंध में डिप्टी रेंजर कुरुद, एरावत सिंह मधुकर ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी खेतों में पराली जलाने के कारण आग फैली है। संबंधित किसान को पहले ही चेतावनी दी गई थी और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

