कचनार लैंप्स प्रबंधक पर किसान की खाद हड़पने व कर्जदार बनाने का लगा गंभीर आरोप
जगदलपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक के कचनार लैंप्स प्रबंधक पर किसान के जाली हस्ताक्षर कर सरकारी खाद हड़पने और उसके नाम पर कर्ज चढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया है।
इस मामले में बेड़ाउमरगांव के पीड़ित किसान श्यामलाल कश्यप ने बताया कि वह कई महीनों से सरकारी खाद लेने के लिए कचनार लैंपस के चक्कर काट रहा था। हर बार उसे यह कहकर लौटा दिया जाता था, कि खाद का स्टॉक नहीं आया है, या बचा हुआ स्टॉक खत्म हो गया है। खेती का समय निकलता देख मजबूरन श्यामलाल ने बाजार से महंगे दामों पर पोटाश, यूरिया और डीएपी खाद खरीदा। कुछ दिन बाद जब उसने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो उसके होश उड़ गए। स्टेटमेंट में दिखा कि कचनार लैंपस से उसके नाम पर 11 हजार 359 रुपये का खाद खरीदना दर्शाया गया है और उसके लोन खाते में इतनी ही राशि का कर्ज चढ़ा दिया गया है। जब किसान ने लैंपस की रसीद देखी तो उस पर उसके जाली दस्तखत किए हुए थे।
मामले की जानकारी होने के बाद पीड़ित किसान श्यामलाल कश्यप लैंपस पहुंचा और वहां उसने जमकर हंगामा किया। शुरुआत में आनाकानी के बाद लैंप्स प्रबंधक ने इसे अपनी गलती मान ली। इधर मामला उजागर होते ही आनन-फानन में लैंपस प्रबंधक ने किसान के लोन खाते में 11,359 रुपये वापस डाल दिए। लेकिन किसान का आरोप है कि इसमें भी खेल किया गया है, वापस की गई राशि को भी कर्ज के रूप में ही दिखाया जा रहा है। इस पूरे मामले में लैंपस प्रबंधक ललिता राव का कहना है कि यह “बाय मिस्टेक” हुआ है। हालांकि वह खुद भी मान रहे हैं कि सरकारी रसीद पर किसान श्यामलाल के जाली हस्ताक्षर किए गए हैं, लेकिन यह जाली हस्ताक्षर किसने किए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
किसान श्यामलाल कश्यप ने आरोप लगाया है कि लैंपस प्रबंधक ने उसके हक की खाद जाली दस्तखत कर निकाल ली और कालाबाजारी में बाहर बेच दी है। उसने इस धोखाधड़ी पर बस्तर थाने में आवेदन देकर लैंपस प्रबंधक ललिता राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं कचनार के अन्य किसानों ने भी इस मामले में विभागीय जांच की मांग की है।
थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि बस्तर के किसान श्याम लाल कश्यप ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के बाद संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

