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महतारी वंदन योजना से सुनीता के सपनों को मिला संबल, राशि से क्रय की नथनी और मिक्सी

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महतारी वंदन योजना से सुनीता के सपनों को मिला संबल, राशि से क्रय की नथनी और मिक्सी


कोरबा, 24 अगस्त (हि.स.)। मेहनत और संघर्ष के बीच महतारी वंदन योजना की नियमित आर्थिक सहायता ने कोरबा विकासखंड के ग्राम भटगांव निवासी सुनीता राठिया के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। सुनीता अपने पति अनिल कुमार राठिया के साथ मजदूरी और सब्जी की खेती कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। सीमित आमदनी के बीच दो बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतों को पूरा करने में महतारी वंदन योजना की हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि उनके लिए बड़ा सहारा बनी है।

सुनीता बताती हैं कि उनके परिवार की आय सीमित है। पति के साथ मजदूरी करने के अलावा वह घर के पास खाली जमीन पर मौसम के अनुसार सब्जियां उगाती हैं। वर्तमान में उन्होंने बरबट्टी की फसल लगाई है, जिसे बाजार में बेचकर परिवार के खर्च में सहयोग करती हैं।दो बच्चों की पढ़ाई, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि सुनीता को आर्थिक राहत देती है। उनका कहना है कि खाते में राशि आने का भरोसा रहने से छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने की चिंता कुछ कम हो जाती है।

सुनीता महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग जरूरत के अनुसार करती हैं। कई बार कुछ महीनों की राशि बचाकर वह घर के लिए उपयोगी सामान खरीदती हैं। इसी बचत से उन्होंने अपने लिए नाक की नथनी, घर में उपयोग के लिए मिक्सी सहित अन्य जरूरी सामान खरीदे हैं। इन छोटी-छोटी उपलब्धियों से उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का आत्मविश्वास मिला है।

सुनीता के लिए महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि मुश्किल समय में मिलने वाला भरोसा भी है। उनका कहना है कि पहले किसी जरूरत के लिए पैसे जुटाने में काफी सोच-विचार करना पड़ता था, लेकिन अब हर महीने खाते में राशि आने की उम्मीद रहती है। इससे वह अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ भविष्य के लिए भी कुछ बचत कर पाती हैं।

रक्षाबंधन के अवसर पर सुनीता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि बहनों के लिए हर महीने राशि भेजे जाने से उन्हें खुशी होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि शासन की यह सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और परिवार की जरूरतों में योगदान देने का अवसर दे रही है।

गांव की मिट्टी में मेहनत से उगाई गई बरबट्टी की फसल सुनीता के लिए आत्मनिर्भरता की कोशिश का प्रतीक है। एक ओर वह पति के साथ मेहनत कर परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं, वहीं दूसरी ओर महतारी वंदन योजना की नियमित राशि उनके छोटे-छोटे सपनों को पूरा करने में मदद कर रही है।

सुनीता की कहानी बताती है कि जब मेहनत के साथ शासन का आर्थिक संबल जुड़ता है, तो सीमित संसाधनों वाला परिवार भी उम्मीद और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है। उनके लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक सहायता से बढ़कर सम्मान, आत्मविश्वास और परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद बन गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी