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जिले में अवैध रेत खनन जारी, नर कंकाल निकलने से ग्रामीण आक्रोशित

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जिले में अवैध रेत खनन जारी, नर कंकाल निकलने से ग्रामीण आक्रोशित


जिले में अवैध रेत खनन जारी, नर कंकाल निकलने से ग्रामीण आक्रोशित


जिले में अवैध रेत खनन जारी, नर कंकाल निकलने से ग्रामीण आक्रोशित


ग्राम खरेंगा के रेत खदान में निकले 10 से अधिक नरकंकाल

धमतरी, 28 मई (हि.स.)। जिले में महानदी रेत खदान में खनन के दौरान कई नरकंकाल निकलने से सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया निर्धारित खनन क्षेत्र छोड़कर उस स्थान पर भी खुदाई कर रहे हैं, जिसे मृत लोगों के शव दफनाने के लिए आरक्षित किया गया था। गुरुवार काे बड़ी संख्या में महिलाएं, पंच-सरपंच और ग्रामीण खदान क्षेत्र तथा पंचायत भवन के पास एकत्र होकर अवैध खनन बंद कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि महानदी और सीतानदी तट पर लंबे समय से बिना रॉयल्टी पर्ची और मशीनों के जरिए अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। राजस्व और खनिज विभाग की टीम समय-समय पर दबिश देकर ट्रैक्टर और हाइवा जब्त करती रही है, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि रेत माफिया प्रशासनिक संरक्षण और कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से बेखौफ होकर खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर वर्षों से मृतकों को दफनाया जाता रहा, वहां भी जेसीबी और मशीनों से खुदाई कर दी गई, जिससे मानव अवशेष बाहर आने लगे। इस घटना ने गांववासियों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। ग्रामीण बिमला बाई साहू ने कहा कि रेत लेकर बेंच रहे हैं। रेत खनन बंद होना चाहिए। दर्री से रायल्टी काटते हैं। खरेंगा से रेत ले जाते हैं। खनिज अधिकारी निरीक्षण के लिए नहीं आते हैं। ग्रामीण कैलाश कुमार ने कहा कि प्रतिबंध के बाद भी खदान से रेत की चोरी हो रही है। गांव का विकास नहीं हो रहा है। गांव के जागरूक लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं। निर्धारित स्थल को छोड़कर रेत खनन होने का बुरा असर पड़ रहा है, हालत यह है कि पूर्वजों की लाशें निकल रही है।

योगेश्वरी साव ने कहा कि गांव की महिलाएं लगातार इस पर रोक लगाने प्रयासरत हैं, लेकिन इस पर रोक नहीं लग पा रही। जल स्तर भी इसके चलते कम हो रहा है। नरकंकाल निकलना बहुत दुखद है। ग्रामीणों की आस्था के साथ खिलवाड़ हाे रहा है। पूर्व सरपंच और ग्राम विकास समिति अध्यक्ष मोहन लाल साहू ने कहा कि रेत खनन पर रोक लेकर ग्रामीण सक्रिय हैं, लेकन प्रशासनिक सख्ती के कारण इस पर रोक नहीं लग पा रही है। खनन में लगे लोग घर-घर पहुंचकर लोगों को धमकाते हैं। उल्लेखनीय है कि धमतरी जिले में वर्तमान में 17 रेत खदानें संचालित हैं, जहां लगातार अवैध उत्खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं।

प्रशासन कड़ी कार्रवाई करे : नीलम साहू

ग्राम खरेंगा सरपंच नीलम साहू मुनादी का कोई असर नहीं हो रहा है। रेत चाेरी करने वाले गांव के ही हैं। गांव की बात को नहीं मान रहे हैं। रेत चोरी पर असर नहीं हो रहा। इसकी शिकायत लगातार प्रशासन तक की जा रही है, लेकिन प्रशासन कड़ी कार्रवाई नहीं कर रहा है पुन: प्रशासन से इसकी शिकायत की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा