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उमस भरी गर्मी में बार-बार बिजली कटौती, बढ़ा आक्रोश

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बलरामपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर क्षेत्र में उमसभरी गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार दिन में करीब 12 से 15 बार, जबकि रात में भी एक-दो बार बिजली गुल हो रही है।

इससे पंखे-कूलर बंद होने के कारण बच्चे, बुजुर्ग समेत आम लोग गर्मी से बेहाल हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर बिजली विभाग में ऐसा कौन-सा कार्य लगातार चलता रहता है कि दिन में 12 से 15 बार बिजली बंद करने की नौबत आ रही है? यदि बार-बार बिजली बंद होने के पीछे

बार-बार बिजली कटौती से बिजली पर निर्भर आटा चक्की, वेल्डिंग, फोटो कॉपी, साइबर कैफे समेत अन्य छोटे व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं। बिजली नहीं होने से काम रुकने के साथ आमदनी पर भी असर पड़ रहा है। व्यवसायियों ने कहा कि बिजली की अनिश्चित आपूर्ति के कारण समय पर काम पूरा नहीं हो पाता और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मेंटेनेंस, तकनीकी खराबी या अन्य कोई वजह है तो विभाग को इसकी स्पष्ट जानकारी उपभोक्ताओं को देनी चाहिए। बिजली संबंधी शिकायतों के लिए बनाए गए विभागीय वाट्सएप ग्रुप में बिजली बंद होने पर विभागीय कर्मचारी अक्सर 'तातापानी से बंद है' लिखकर जानकारी दे देते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यही जवाब देकर कई बार घंटों तक बिजली कटौती जारी रहती है। लोगों का आरोप है कि आखिर तातापानी से बिजली बंद होने का हवाला देकर लगातार इतनी देर तक आपूर्ति क्यों बाधित रहती है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। वहीं हल्की बारिश होते ही बिजली काट दी जाती है।

स्थानीय ग्रामीण सुभाष कुजूर का कहना है कि, विभागीय स्तर पर कोई जवाबदेही तय नहीं होने के कारण मनमानी तरीके से बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हैं ऐसे में बार-बार बिजली कटौती केवल घरेलू उपभोक्ताओं की समस्या नहीं, बल्कि स्थानीय रोजगार और छोटे कारोबार के लिए भी बड़ी परेशानी बनती जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करते हुए बिजली कटौती के वास्तविक कारणों की जांच कराने तथा नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय