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कब्जा हटाने की अंतिम तिथि आज, कुछ दुकानदारों ने स्वयं खाली किए स्थल

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कब्जा हटाने की अंतिम तिथि आज, कुछ दुकानदारों ने स्वयं खाली किए स्थल


छह अप्रैल से रेलवे चलाएगा अतिक्रमण हटाओ अभियान, ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट अंतिम चरण में

धमतरी, 05 अप्रैल (हि.स.)। धमतरी-रायपुर बड़ी रेल लाइन परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। स्टेशन निर्माण और पटरी बिछाने का कार्य तेजी से जारी है, लेकिन परियोजना के लिए आवश्यक भूमि खाली कराने की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर आ गई है।

रेलवे प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में 5 अप्रैल तक स्वेच्छा से कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि 6 अप्रैल से रेलवे स्वयं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करेगा। अंतिम तिथि आज होने के चलते कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों से सामान हटाकर जगह खाली करना शुरू कर दिया, जबकि अधिकांश अभी भी असमंजस की स्थिति में हैं और पहले की तरह व्यापार जारी रखे हुए हैं।

धमतरी रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य मार्ग किनारे स्थित करीब 70 से अधिक मकान और दुकानें इस कार्रवाई के दायरे में हैं। इनमें से 14 मामले न्यायालय में लंबित बताए जा रहे हैं, जिसके कारण कई कब्जाधारियों के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

कड़ी कार्रवाई के संकेत

रेलवे के सख्त रुख के बाद अब यह देखना अहम होगा कि 6 अप्रैल से प्रशासन कितनी सख्ती से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है। पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इस बार कार्रवाई को लेकर प्रशासन अधिक गंभीर नजर आ रहा है।

वर्षों पुरानी परियोजना अब अंतिम दौर में

धमतरी-रायपुर ब्रॉडगेज लाइन का शिलान्यास 6 अक्टूबर 2018 को किया गया था। प्रारंभिक लक्ष्य 2022 तक कार्य पूर्ण करने का था, लेकिन कोरोना काल के चलते निर्माण कार्य प्रभावित हुआ और परियोजना में देरी हुई।

पटरी बिछाने का काम अंतिम चरण में

करीब 554 करोड़ की लागत वाली इस योजना के तहत धमतरी से केन्द्री तक लगभग 67 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जानी है। केन्द्री से अभनपुर, कुरुद तक ट्रैक बिछ चुका है और अब सिर्फ करीब 8 किलोमीटर का कार्य शेष है, जो तेजी से पूरा किया जा रहा है।

वहीं, लगभग 70 करोड़ की लागत से धमतरी रेलवे स्टेशन परिसर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। परियोजना के पूरा होते ही धमतरी सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे क्षेत्र में आवागमन, व्यापार और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा