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कोरबा: श्रम विभाग की शिक्षा सहायता योजना बनी लीला महंत की बेटी का सहारा, पढ़ाई के लिए मिले 20 हजार रुपये

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कोरबा: श्रम विभाग की शिक्षा सहायता योजना बनी लीला महंत की बेटी का सहारा, पढ़ाई के लिए मिले 20 हजार रुपये


कोरबा, 14 अक्टूबर (हि. स.)। आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए श्रम विभाग की शिक्षा सहायता योजना जरूरतमंद श्रमिक परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही है। कोरबा जिले के ग्राम दोंदरो निवासी लीला महंत के परिवार को भी इस योजना का लाभ मिला है। श्रम विभाग की ओर से उनकी बेटी की आगे की पढ़ाई के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इससे परिवार को शिक्षा का खर्च उठाने में बड़ी राहत मिली है।

कोरबा विकासखंड के ग्राम दोंदरो में रहने वाली लीला महंत का परिवार मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता है। परिवार की आय सीमित होने के कारण घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था। विशेष रूप से बेटी की आगे की पढ़ाई को लेकर परिवार आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा था।

इसी बीच लीला महंत को श्रम विभाग द्वारा संचालित शिक्षा सहायता योजना की जानकारी मिली। योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया।

श्रम विभाग द्वारा आवेदन स्वीकृत किए जाने के बाद उनकी बेटी की शिक्षा के लिए 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इस आर्थिक सहयोग से बेटी की आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली है। साथ ही परिवार पर शिक्षा संबंधी खर्च का आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।

लीला महंत ने बताया कि सीमित आय के कारण बेटी की पढ़ाई का खर्च जुटाना कठिन हो रहा था, लेकिन श्रम विभाग से मिली सहायता ने उनकी चिंता कम कर दी है। उन्होंने इस सहयोग के लिए श्रम विभाग और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्रम विभाग की शिक्षा सहायता योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग प्रदान करना है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। लीला महंत के परिवार को मिली सहायता इस बात का उदाहरण है कि शासकीय योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने से बच्चों के बेहतर भविष्य की राह आसान हो सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी