गांधी ग्राम कंडेल की बेटी कुसुमलता ने बढ़ाया मान, 12 वीं बोर्ड में राज्य में पांचवां स्थान
धमतरी, 29 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बुधवार को कक्षा 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया। जिसमें धमतरी जिले के गांधी गौरव ग्राम कंडेल के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल की कक्षा 12 वीं की छात्रा कुसुमलता बिप्रे ने 97.40 अंक अर्जित कर राज्य मेरिट सूची में पांचवां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अपनी सफलता से जिले, स्कूल और परिवार का मान बढ़ाया है।
कक्षा 12 वीं बोर्ड परीक्षा में सेजेस स्कूल कंडेल की कामर्स संकाय की छात्रा कुसुमलता बिप्रे ने मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर 500 में 487 अंक हासिल कर 97.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ उन्होंने राज्य की मेरिट सूची में पांचवां स्थान हासिल किया। उन्होंने बैंकिंग वित्तीय सेवा और बीमा (बीएफएसआई) और लेखाकर्म विषय में 100 में 100 अंक प्राप्त किया है। परिणाम घोषित होते ही स्कूल के प्राचार्य राहुल नेताम व शिक्षकों ने कुसुमलता के निवास पहुंचकर उनका मुंह मीठा कराया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। कुसुमलता की सफलता से उनके परिवार और गांव में हर्ष का माहौल है। राज्य में टाप-पांच में स्थान बनाने की सूचना मिलने पर अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्वजन और ग्रामीण उनके निवास पहुंचकर कर बधाई दे रहे हैं। इनके पिता संतोष कुमार बिप्रे सोसाइटी में प्राइवेट नौकरी करते हैं और मां पवन गंगा बिप्रे गृहणी है।
नाना सेवानिवृत पुलिस अधिकारी अवध भारती एवं नानी ईश्वरी भारती ने नातिन की सफलता पर खुशी जताते हुए उन्हें इसी तरह मेहनत कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।सेजेस स्कूल कंडेल के प्राचार्य राहुल नेताम ने कहा कि छात्रा कुसुमलता बिप्रे ने 12 वीं बोर्ड परीक्षा में टाप-पांच में स्थान हासिल कर जिले और स्कूल का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि कुसुमलता शुरू से ही मेधावी और अनुशासित छात्रा रही हैं। अपनी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास के बल पर उन्होंने यह शानदार सफलता प्राप्त की। वे बचपन से अपने नाना-नानी के यहां रह कर पढ़ाई कर रही हैं। कक्षा नौवीं से सेजेस स्कूल में अध्ययनरत थीं। जहां उन्हें पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिला।टापर छात्रा कुसुमलता बिप्रे ने बताया कि उन्होंने 10 वीं बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे लेकिन उस समय वे मेरिट सूची में आने से चूक गई थी। यही बात उनके लिए प्रेरणा बनी और उन्होंने 12 वीं में बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लिया। उन्होंने परीक्षा के दौरान रोजाना आठ से 10 घंटे तक पढ़ाई की वहीं सामान्य दिनों में छह से आठ घंटे नियमित अध्ययन करती थी। बीकाम की पढ़ाई के साथ आगे यूपीएससी की तैयारी करेगी और कलेक्टर बनने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने मेहनत को सफलता की कुंजी बताया है। अपने जूनियर छात्रों से कहा कि निरंतर अभ्यास और समय का सही उपयोग करें। सफलता एक न एक दिन जरूर मिलेगी हार न मानें। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, नाना-नानी, स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों को दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

