कांगेर वैली की कोटमसर गुफा 10 दिन पहले 20 अक्टूबर काे खुलेगी
जगदलपुर, 19 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में मौजूद कोटमसर गुफा जिसे भूमिगत दुनिया भी कहा जाता है। इस गुफा को पर्यटकों के लिए 20 अक्टूबर की सुबह 08 बजे खोला जा रहा है। इस वर्ष मौसम सही होने के कारण गुफा को समय से 10 दिन पहले खोला जा रहा है। जबकि प्रतिवर्ष इस गुफा को 01 नवंबर छत्तीसगढ़ राज्य उत्सव के दौरान खोला जाता था।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के डीएफओ गौतम नारायण ने साेमवार काे बताया कि इस वर्ष कोटमसर गुफा को पर्यटकों के लिए जल्दी खोला जा रहा है। क्योंकि इस वर्ष मौसम काफी अच्छा है। बारिश भी बस्तर में नहीं हो रही है, इससे पूर्व हुई बारिश का पानी भी गुफा के भीतर नहीं ठहरा है। जिससे फिसलन या अन्य समस्याएं पर्यटकों के लिए उत्पन्न नहीं होगी। उन्हाेने कहा कि वर्तमान में बस्तर दशहरा भी चल रहा है, इस दशहरे को देखने के लिए हजारों पर्यटक बस्तर आते हैं। इस लिहाज से इस गुफा को खोलने से काफी संख्या में पर्यटक भी इसका दीदार कर सकेंगे। कांगेर वैली में अन्य गुफाएं भी मौजूद हैं, जिनमें कैलाश गुफा, दंडक गुफा, अरण्यगुफा, हरी गुफा लेकिन केवल कोटमसर गुफा को ही फिलहाल खोला जा रहा है।
उन्हाेने बताया कि इस गुफा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जमीन के नीचे एक अलग ही दुनिया दिखाई देती है। जहां चट्टानों ने हजारों वर्षों में अनोखे आकार धारण किए हैं। हजारों साल पुरानी चूना पत्थर की आकृतियां बनी हुई है। अंधेरी दुनिया में रहने वाली अंधी मछलियां भी मौजूद है। गुफा के अंदर कई प्राकृतिक कक्ष,कई प्राकर्तिक संरचनाएं हैं। सबसे बड़ी खासियत स्टैलेक्टाइट और स्टैलेक्माइट से बनी आकृतियां है। बड़े हॉल और टाइटेनिक जहाज की तरह बने आकृतियां भी लोगों को लुभाने का काम करती है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

