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कोरिया जिले में स्वच्छता का नया अध्याय, 5 जून को ग्राम सभाओं में सीधे संवाद से शुरू होगा महाअभियान

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कोरिया जिले में स्वच्छता का नया अध्याय, 5 जून को ग्राम सभाओं में सीधे संवाद से शुरू होगा महाअभियान


कोरिया, 02 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को एक जनआंदोलन का रूप देने के लिए आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।

इन ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद कर कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में उनकी भागीदारी को और मजबूत किया जाएगा। इस महाअभियान की तैयारियों को लेकर कलेक्टर रोक्तिमा यादव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के समस्त अधिकारियों को अद्यतन कार्ययोजना और नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए। इससे पहले 16 मई को भी जिले में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया था।

प्रशासन द्वारा लागू किए गए नए नियमों के तहत अब जिले में कचरे का निपटान उसके प्रारंभिक स्रोत पर ही करना अनिवार्य होगा। इसके तहत गीला, सूखा, सेनेटरी और रासायनिक कचरा (जैसे बैटरी, सीएफएल आदि) को शुरुआत में ही अलग-अलग करना सुनिश्चित किया जाएगा। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला प्रशासन उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखेगा जहां बड़े पैमाने पर कचरा निकलता है। इनमें सरकारी कार्यालय, अस्पतालों, होटलों, स्थानीय हाट-बाजारों, उद्योगों, दुकानों और आवासीय कॉलोनियों को शामिल किया गया है, जिन्हें प्राथमिक स्तर पर ही कचरा पृथक्करण की व्यवस्था करनी होगी।

इस महत्वाकांक्षी योजना के दूरगामी परिणामों को रेखांकित करते हुए कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का यह नया नियम मुख्य रूप से पांच बड़े लाभों पर केंद्रित है। इससे न केवल हमारे पर्यावरण का संरक्षण होगा, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन होने से रिसाइकलिंग (पुनर्चक्रण) की व्यवस्था मजबूत होगी और जैविक खाद का उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रणाली से जिले में कचरे के उत्पादन में भारी कमी आएगी, क्योंकि एक ही उत्पाद को रिसाइकल कर दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा, जो पूरे समाज के हित में होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह