कोरबा नगर निगम के रीसायकल सेंटर बने महिलाओं की आत्मनिर्भरता का आधार
कोरबा, 21 जनवरी (हि. स.)। नगर पालिका निगम कोरबा द्वारा स्वच्छता अभियान के अंतर्गत शहर के विभिन्न वार्डों से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक निपटान और रीसायकल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी कड़ी में नगर निगम ने शहर को 6 जोन में विभाजित कर सॉलिड लिक्विड रीसायकल मैनेजमेंट सेंटर स्थापित किए हैं, जहां कचरे का वर्गीकरण और पुन: उपयोग कर उसे संसाधन में बदला जा रहा है। इस व्यवस्था से न केवल स्वच्छता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि इन केंद्रों में कार्यरत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर भी मिल रहा है।
नगर निगम द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में कार्यरत महिलाओं की टीम को इन सॉलिड लिक्विड रीसायकल मैनेजमेंट सेंटर्स में काम करने का अवसर दिया गया है। ये महिलाएं घरों और बाजारों से एकत्रित कचरे में से उपयोगी और अनुपयोगी सामग्री की छंटाई करती हैं, ताकि प्लास्टिक, कागज, धातु सहित अन्य वस्तुओं का पुन: उपयोग किया जा सके। इस प्रक्रिया से जहां कचरे की मात्रा में कमी आ रही है, वहीं महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत भी तैयार हो रहा है।
इन केंद्रों में अनुपयोगी सब्जियों और फूलों से जैविक खाद तैयार की जा रही है, जिसकी बिक्री नगर निगम स्तर पर की जा रही है। जैविक खाद की बिक्री से प्राप्त आय भी इन महिलाओं की आमदनी में इजाफा कर रही है। इसके साथ ही महिलाओं द्वारा तैयार किए गए कुछ उत्पादों की मांग विशेष अवसरों पर अच्छी रही है, जिन्हें नगर निगम द्वारा एक ब्रांड के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है।
नगर निगम कोरबा स्तर पर इन रीसायकल सेंटर्स में अपनी भूमिका तय कर महिलाओं ने अपनी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं। स्वच्छता के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली यह पहल शहर के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बन रही है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण दोनों ही उद्देश्य एक साथ पूरे हो रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

