सीजी पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता पर जयसिंह अग्रवाल ने उठाए सवाल, 187 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू से वंचित करने का लगाया आरोप
कोरबा, 16 सितम्बर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित असमानता को लेकर प्रदेश के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने सवाल उठाए हैं। बुधवार को कोरबा में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने पीएससी परीक्षा की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग की।
जयसिंह अग्रवाल ने वर्ष 2024 की पीएससी परीक्षा में 265 पदों पर भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि 1:3 के अनुपात के अनुसार 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन आयोग ने 608 अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में 187 अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल सका।
पूर्व मंत्री ने कहा कि, आयोग की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि शेष अभ्यर्थी न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर सके। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अभ्यर्थियों के अंक निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम थे तो आयोग को उनके प्राप्तांक सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सामने आ सके। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी के दौर में योग्य अभ्यर्थियों की कमी होने का तर्क भी सवाल खड़े करता है।
प्रेस वार्ता के दौरान जयसिंह अग्रवाल ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दो अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रश्न क्रमांक 5 में दोनों ने समान उत्तर लिखा, इसके बावजूद एक अभ्यर्थी को 2 अंक और दूसरे को शून्य अंक दिए गए। उन्होंने माता राजिम, घरेलू हिंसा और बौद्ध धर्म के महानिर्वाण से जुड़े प्रश्नों के मूल्यांकन में भी कथित तौर पर अंक देने में असमानता का आरोप लगाया।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि समान उत्तरों के लिए अलग-अलग अंक दिए जाने की स्थिति में मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और मूल्यांकन प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
पूर्व मंत्री ने कांग्रेस शासनकाल की भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके विभाग में अधिकांश भर्तियां व्यापम के माध्यम से कराई जाती थीं और कर्मचारियों की पदोन्नति पर भी ध्यान दिया गया। उन्होंने दावा किया कि पदोन्नति की प्रक्रिया में समय सीमा में छूट देकर कर्मचारियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया गया, जिससे नए पदों पर भर्ती की संभावनाएं भी बनीं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा पीएससी मामले में भी यदि निर्धारित प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का अवसर देने के लिए अंकों में छूट की आवश्यकता थी तो नियमानुसार उस पर विचार किया जाना चाहिए था। उनका कहना था कि सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि पीएससी परीक्षा से जुड़े सभी आरोपों और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं के अधिकार और स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी प्रदेश कांग्रेस कमेटी और वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर आने वाले दिनों में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगी।
प्रेस वार्ता में रामपुर विधायक फुल सिंह राठिया, जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर, ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, कोरबा मंडल अध्यक्ष पालूराम साहू समेत विभिन्न ब्लॉक एवं मंडल अध्यक्ष, महिला कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

