home page

जशपुर में अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा 'डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन' का भव्य आगाज

 | 
जशपुर में अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा 'डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन' का भव्य आगाज


जशपुर में अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा 'डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन' का भव्य आगाज


जशपुर में अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा 'डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन' का भव्य आगाज


जशपुर में अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा 'डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन' का भव्य आगाज


जशपुर, 20 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शासन एवं छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा नागरिकों को त्वरित, एकीकृत और संवेदनशील आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल की गई है। जशपुर जिले में बुधवार काे 'डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन' योजना का अत्यंत गरिमामय और भव्य शुभारंभ किया गया। एक्के नम्बर सब्बो बर (एक ही नंबर सबके लिए) की क्रांतिकारी अवधारणा पर आधारित इस जनहितकारी सेवा की शुरुआत पुलिस लाइन जशपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान हुई।

इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पत्थलगांव की विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय ने हरी झंडी दिखाकर जिले को आबंटित डायल-112 के 11 आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहनों और 02 अत्याधुनिक हाईवे पेट्रोल वाहनों को कर्तव्य पथ के लिए रवाना किया। इस दौरान उनके साथ जशपुर की माननीय विधायक रायमुनी भगत, सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शम्भूनाथ चक्रवर्ती, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी डाॅ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार और ओम प्रकाश सिन्हा सहित अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि तथा 'जय हो' की टीम मौजूद रही।

अपने संबोधन में पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने इस महत्वाकांक्षी और दूरगामी योजना के शुभारंभ के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति गहरा आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन योजना आज के समय की मांग और सुरक्षा आवश्यकताओं के लिहाज से एक मील का पत्थर साबित होगी। जशपुर जिले के अत्यंत दूरस्थ, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले भोले-भाले नागरिकों को अब किसी भी आपात स्थिति में बहुत ही कम समय के भीतर सीधे मदद मिल सकेगी। इस व्यवस्था से आम जनता की चौतरफा सुरक्षा सुनिश्चित होगी और पुलिसिंग व्यवस्था के प्रति समाज का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने भी इस जनहितैषी पहल के लिए केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह योजना सीधे तौर पर अंतिम छोर के व्यक्ति की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। आधुनिकतम तकनीकों से लैस यह आपातकालीन प्रणाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने का काम करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर मदद पहुंचना अक्सर एक चुनौती होती है, जिसे यह नई सेवा पूरी तरह समाप्त कर देगी। श्रीमती भगत ने जिले के नागरिकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे इस सेवा को अपनी सुरक्षा का कवच समझें और किसी भी संकट के समय बेझिझक 112 नंबर का उपयोग कर एक सुरक्षित और सहयोगात्मक समाज के निर्माण में अपनी अहम भागीदारी दर्ज कराएं।

जिला कलेक्टर रोहित व्यास ने सुशासन की दिशा में इसे सरकार का एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के लागू होने से अब पुलिस, चिकित्सा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के बीच पलक झपकते ही समन्वय स्थापित हो जाएगा। भौगोलिक दृष्टि से जशपुर एक बेहद जटिल और विस्तृत जिला है, जहां पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रशासनिक सेवाओं को त्वरित गति से पहुंचाना इस सेवा के जरिए बेहद आसान हो जाएगा।

जिले के डीआईजी एवं एसएसपी डाॅ. लाल उमेद सिंह ने इस नई प्रणाली की तकनीकी बारीकियों और पुलिस की कार्यकुशलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन नए अत्याधुनिक वाहनों के आने से जिला पुलिस अब तकनीकी रूप से कहीं अधिक सक्षम और चौकस हो गई है। सभी आपातकालीन वाहनों में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, मोबाइल डेटा टर्मिनल, वायरलेस संचार प्रणाली और डैश कैम जैसे सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। जैसे ही राज्य या जिलास्तर पर स्थापित 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय रहने वाले अत्याधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में कोई कॉल आएगी, कंप्यूटर स्वतः ही घटनास्थल के सबसे नजदीकी वाहन को ट्रैक कर उसे तुरंत रवाना कर देगा, जिससे रिस्पांस टाइम न्यूनतम हो जाएगा।

डीआईजी ने दृढ़तापूर्वक कहा कि डायल-112 केवल एक सरकारी हेल्पलाइन नंबर नहीं है, बल्कि यह आम जनता के जीवन की सुरक्षा और पुलिस के प्रति उनके अटूट विश्वास की एक संवेदनशील डोर है। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले को मिले इन नए वाहनों को पूरी कार्ययोजना के तहत थाना पत्थलगांव, बगीचा, कांसाबेल, कुनकुरी, तुमला, तपकरा, जशपुर, लोदाम, सन्ना, आस्ता और डायल-112 कंट्रोल रूम जशपुर में तैनात किया गया है। यह सभी वाहन चौबीसों घंटे पूरी तत्परता से अपनी सेवाएं देंगे।

इस नई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब नागरिकों को सहायता पाने के लिए केवल पारंपरिक फोन कॉल पर ही निर्भर नहीं रहना होगा। आधुनिक युग के अनुरूप नागरिक अब '112 इंडिया' मोबाइल ऐप, एसएमएस, ई-मेल, चैटबॉट, वेब रिक्वेस्ट और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी सीधे आपातकालीन सहायता के लिए गुहार लगा सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी अतिथियों और आम नागरिकों के समक्ष इन अत्याधुनिक वाहनों और उनकी त्वरित रिस्पांस कार्यप्रणाली का सीधा प्रदर्शन भी किया गया। अंत में, पुलिस प्रशासन द्वारा जिले की जनता से विशेष अपील की गई कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में बिना डरे तत्काल डायल-112 का उपयोग करें और इस अमूल्य सेवा का अत्यंत जिम्मेदारीपूर्वक और विवेकपूर्ण इस्तेमाल करते हुए पुलिस प्रशासन को अपना सहयोग दें।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह