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जन संवाद-2.0 : ग्राम सभाओं में जनभागीदारी से तय होंगी विकास की प्राथमिकताएं

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जन संवाद-2.0 : ग्राम सभाओं में जनभागीदारी से तय होंगी विकास की प्राथमिकताएं


20 अगस्त से ग्राम सभाओं में होंगी पांच प्रमुख गतिविधियां, ग्रामीणों की आवाज बनेगी गांव के विकास का आधार

धमतरी, 19 अगस्त (हि.स.)। ग्राम स्वराज, सुशासन और सहभागी विकास की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से जिले के धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी विकासखंड की ग्राम सभाओं में 20 अगस्त से “जन संवाद-2.0 : विकसित भारत ग्राम संकल्प” अभियान शुरू किया जाएगा।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाला यह अभियान ग्रामीणों को विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के माध्यम से ग्रामीण अपनी प्राथमिकताएं सामने रखेंगे, पंचायत प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करेंगे और अपने गांव के भविष्य की परिकल्पना साझा करेंगे। ग्राम सभाएं अब केवल शासकीय योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि सामूहिक संकल्प, जनभागीदारी और जवाबदेही का प्रभावी मंच बनेंगी।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब गांव का प्रत्येक नागरिक विकास प्रक्रिया में सहभागी बने। जन संवाद-2.0 ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, स्थानीय आवश्यकताओं को सामने लाने तथा पंचायतों को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अभियान के तहत पांच प्रमुख गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। “मेरे गांव की प्राथमिकता” वोटिंग वॉल के माध्यम से ग्रामीण पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, सिंचाई सहित अन्य आवश्यक विकास कार्यों में अपनी प्राथमिकताएं तय करेंगे। “125 दिन रोजगार-मेरा अधिकार” शपथ के जरिए ग्रामीणों को रोजगार संबंधी अधिकारों और योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा। “विकसित भारत संदेश कार्ड” के माध्यम से ग्रामीण अपने सपनों के गांव की कल्पना और सुझाव साझा करेंगे।

वहीं “जनता पूछे-पंचायत बताए” संवाद मंच पंचायत और ग्रामीणों के बीच पारदर्शी संवाद तथा सामाजिक जवाबदेही को मजबूत करेगा। पांचवीं गतिविधि “तिरंगे के साथ विकास संदेश” के तहत ग्रामीण राष्ट्र निर्माण और विकसित गांव के संकल्प का संदेश देंगे। अभियान के दौरान ग्राम सभाओं में विभिन्न योजनाओं की जानकारी, सामाजिक सहभागिता, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, महिला एवं युवा सहभागिता तथा सामुदायिक विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इससे ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना अधिक जनकेंद्रित, पारदर्शी और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी। “जन संवाद-2.0 : विकसित भारत ग्राम संकल्प” अभियान ग्राम सभाओं को लोकतांत्रिक सहभागिता का सशक्त मंच बनाते हुए ग्रामीणों को केवल हितग्राही नहीं, बल्कि गांव के विकास की दिशा तय करने वाले सक्रिय भागीदार के रूप में स्थापित करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा