भूमि आवंटन की मांग पर डुबान प्रभावितों का जल सत्याग्रह 12 से, ज्ञापन सौंपा
धमतरी, 05 अक्टूबर (हि.स.)। गंगरेल बांध डुबान प्रभावितों की भूमि आवंटन की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। गंगरेल बांध प्रभावित जन कल्याण समिति ने 12 अक्टूबर से गंगरेल बांध में जल सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की है। समिति ने सोमवार को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार दुर्गेश तंवर को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की सूचना दी है।
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हरिशंकर मरकाम ने बताया कि डुबान प्रभावितों की भूमि आवंटन और अधिकारों से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2020 को आदेश दिया था। इसमें पात्र गंगरेल बांध डुबान प्रभावितों के मामलों की आवश्यक जांच कर नियमानुसार भूमि आवंटन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। समिति का कहना है कि आदेश के करीब छह साल बाद भी पात्र प्रभावितों की भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भूमि आवंटन की मांग को लेकर डुबान प्रभावितों ने शासन और जिला प्रशासन के समक्ष कई बार आवेदन और निवेदन किए हैं। इसके बावजूद मामले का अपेक्षित निराकरण नहीं हुआ। लंबे समय से भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे प्रभावित परिवारों ने अब आंदोलन का निर्णय लिया है।समिति की ओर से प्रशासन को दी गई सूचना के मुताबिक 12 अक्टूबर से मां अंगारमोती परिसर के पीछे गंगरेल बांध में जल सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही अनिश्चितकालीन धरना भी दिया जाएगा।
समिति ने कहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा और मांगों पर ठोस कार्रवाई शुरू होने तक जारी रहेगा। समिति ने प्रशासन से हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार पात्र डुबान प्रभावितों की भूमि आवंटन प्रक्रिया शुरू कराने और लंबित मांगों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में डुबान प्रभावित ग्रामीण उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

