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डूब प्रभावितों का जल सत्याग्रह जारी, नौ लोगों की बिगड़ी सेहत

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डूब प्रभावितों का जल सत्याग्रह जारी, नौ लोगों की बिगड़ी सेहत


डूब प्रभावितों का जल सत्याग्रह जारी, नौ लोगों की बिगड़ी सेहत


धमतरी, 14 अक्टूबर (हि.स.)। उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद छह साल से गंगरेल बांध डूब प्रभावितों को शासन-प्रशासन द्वारा भूमि आबंटित नहीं किया गया है। इससे आक्रोशित डूब प्रभावितों ने गंगरेल बांध किनारे जल सत्याग्रह कर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए है।

आंदोलन के तीसरे दिन जल सत्याग्रह स्थान पर नौ हड़तालियों की सेहत बिगड़ गई। सभी को एंबुलेंस से उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उपचार किया जा रहा है, इससे हड़तालियों का आक्रोश और पनपने लगा है। हालांकि जिला प्रशासन ने डूब प्रभावित परिवार के भूमि आबंटन व पुनर्वास प्रकरणों की जांच के लिए अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई है।

गंगरेल बांध डूब प्रभावितों की लंबित भूमि आवंटन एवं अधिकारों की मांग को लेकर 12 अक्टूबर से बरदिहा लेक व्यू रिसोर्ट के पीछे गंगरेल बांध में प्रभावितों की भीड़ ने जल सत्याग्रह एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलन के तीसरे दिन 14 अक्टूबर को अचानक नौ हड़तालियों की सेहत बिगड़ गई, इससे शासन-प्रशासन की चिंता बढ़ गई। जिन हड़तालियों की सेहत बिगड़ी है, उन्हें बुधवार को एंबुलेंस से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। जबकि अन्य डूब प्रभावित हड़ताल पर डटे हुए है।

प्रभावितों का कहना है कि उच्च न्यायालय छग के आदेश के बावजूद करीब छह वर्षों से अपेक्षित कार्यवाही नहीं होने के विरोध में डूब प्रभावितों ने अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है। पात्र डूब प्रभावितों के संबंध में आवश्यक जांच एवं भूमि आवंटन की प्रभावी कार्यवाही नहीं होने से यह मामला अब तक लंबित है।

डूब प्रभावितों का कहना है कि वर्षों से अपने अधिकारों के लिए इंतजार करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा पात्र डूब प्रभावित परिवारों को नियमानुसार भूमि आवंटन दिलाना इस आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य है।

समिति ने स्पष्ट किया है कि जल सत्याग्रह एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। जब तक शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा डूब प्रभावितों की मांगों के निराकरण की दिशा में ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही प्रारंभ नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए गंगरेल बांध डूब प्रभावितों की लंबित भूमि आवंटन संबंधी मांगों पर तत्काल ठोस कार्यवाही की जाए।

जल सत्याग्रह के दौरान नौ आंदोलनकारियों की बिगड़ी सेहत

गंगरेल बांध में जारी जल सत्याग्रह एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के दौरान नौ आंदोलनकारी लक्ष्मी बाई पटेल, हलार मरकाम, इंदल सिंह नेताम, कृपाराम सिन्हा, पुरुषोत्तम मंडावी, शम्भू राम सिन्हा, राजकुमारी वारडे एवं चन्द्रहास मंडावी का स्वास्थ्य खराब हो गया है। आंदोलनकारियों की बिगड़ती सेहत को देखते हुए 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क कर एम्बुलेंस बुलाई गई और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों का स्वास्थ्य बिगड़ना चिंता का विषय है। समिति ने आंदोलनकारियों के लिए तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधा एवं स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा