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बंदियों को बनाया जा रहा हुनरमंद, रिहाई के बाद बन सकेंगे आत्मनिर्भर

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बंदियों को बनाया जा रहा हुनरमंद, रिहाई के बाद बन सकेंगे आत्मनिर्भर


धमतरी, 25 अप्रैल (हि.स.)। जिला जेल धमतरी में बंदियों के पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बड़ौदा स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) धमतरी के सहयोग से 24 अप्रैल से 12 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को स्वरोजगार आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य में सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए सक्षम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन के महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं रायपुर द्वारा जेल में परिरुद्ध बंदियों के पुनर्वास के लिए निश्चय कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के बंदियों को पुनः अपराध की प्रवृत्ति से दूर रखते हुए कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। इसी कड़ी में निश्चय कार्यक्रम के तहत जिला जेल में बड़ौदा आरसेटी धमतरी के सहयोग से शुक्रवार को 12 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से जेल में परिरुद्ध 30 बंदियों को स्वरोजगार आधारित विभिन्न व्यावहारिक ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। आरसेटी की प्रशिक्षिका सरोज साहू द्वारा बंदियों को विभिन्न आजीविका आधारित ट्रेडों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के अंतर्गत मोमबत्ती निर्माण, साबुन निर्माण, निरमा, फिनाइल, हैंडवाश एवं बर्तन धोने के लिक्विड जैसे घरेलू उपयोगी उत्पादों के निर्माण की तकनीक सिखाई जा रही है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर सहायक जेल अधीक्षक एन के डहरिया, शिक्षक दानी लाल साहू सहित जेल एवं बड़ौदा आरसेटी के कर्मचारी उपस्थित थे। सहायक जेल अधीक्षक एन के डहरिया ने बताया कि जेल में बंदियों को व्यवहारिक कौशल से जोड़ने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी हैं। प्रशिक्षण के दौरान बंदी विभिन्न उपयोगी उत्पादों के निर्माण की तकनीक सीख रहे हैं जो भविष्य में उनके लिए स्वरोजगार का मजबूत आधार बनेगा। इस पहल से बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे रिहाई के बाद समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा