एक्सपायरी कीटनाशकों का भंडारण पड़ा भारी, भारतीय रासायनिक उद्योग सील
धमतरी, 20 अगस्त (हि.स.)। किसानों को गुणवत्तापूर्ण और मानक कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में गुरुवार काे सोरिदभाट स्थित भारतीय रासायनिक उद्योग की कीटनाशक निर्माण इकाई का राज्य एवं जिलास्तरीय निरीक्षण दल ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान इकाई में अवसान तिथि वाले कीटनाशकों का भंडारण, भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित उत्पाद से संबंधित पैकेजिंग सामग्री का पाया जाना और विनिर्माण में उपयोग होने वाले अन्य उत्पादों की थोक सामग्री से संबंधित कंपनी अनुबंध की प्रति उपलब्ध नहीं कराया जाना समेत कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके अलावा निर्धारित मासिक जानकारी प्रस्तुत नहीं करने और प्रयोगशाला संचालन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति भी मिली। प्रथम दृष्टया अनियमितताओं को कीटनाशी अधिनियम एवं संबंधित प्रावधानों के विपरीत पाए जाने पर कृषि विभाग ने मेसर्स भारतीय रासायनिक उद्योग, सोरिदभाट के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध लगा दिया और इकाई को सील कर दिया।
निरीक्षण दल ने संस्था में निर्मित कीटनाशी उत्पादों के नमूने भी लिए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भेजा गया है। अब नोटिस के जवाब और प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। कृषि विभाग जिलेभर में कीटनाशी विक्रेताओं और कृषि आदान प्रतिष्ठानों की लगातार निगरानी कर रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्ताहीन या नियमों के विपरीत कृषि आदान उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर विक्रय प्रतिबंध, लाइसेंस निलंबन अथवा लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी कीटनाशी निर्माताओं एवं विक्रेताओं को केवल पंजीकृत, मानक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का भंडारण एवं विक्रय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि कीटनाशक खरीदते समय लेबल, बैच नंबर, निर्माण एवं अवसान तिथि और पंजीयन संबंधी जानकारी अवश्य जांचें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना कृषि विभाग को दें।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

