तिरंगे के गौरव से विभाजन की पीड़ा तक, कलेक्ट्रेट में सजी देशभक्ति और इतिहास की तस्वीरें
धमतरी, 14 अगस्त (हि.स.)। ‘हर घर तिरंगा’, ‘वंदे मातरम्’ एवं ‘भारत विभाजन की विभीषिका-स्मरण दिवस’ पर तीन दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का महापौर रामू रोहरा ने किया शुभारंभ
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट परिसर में 13 से 15 अगस्त तक तीन दिवसीय विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी ‘हर घर तिरंगा’, ‘वंदे मातरम्’ एवं ‘भारत विभाजन की विभीषिका-स्मरण दिवस’ की थीम पर आधारित है। नगर निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर गीता देवहारी ने महापौर रोहरा का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम में जिला अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली विद्यार्थी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। साथ ही ‘भारत विभाजन की विभीषिका’ विषय पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। महापौर रामू रोहरा ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान देश के प्रत्येक नागरिक को तिरंगे से भावनात्मक रूप से जोड़ने वाला अभियान है। तिरंगा हमारे स्वतंत्रता संघर्ष, त्याग, बलिदान और देश की एकता का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद करने का भी दिन है। ‘वंदे मातरम्’ के संबंध में उन्होंने कहा कि यह केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना का सशक्त स्वर है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने लोगों में देशभक्ति और स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवाओं से देश की एकता, अखंडता और विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
महापौर ने प्रदर्शनी में बनाए गए ‘हर घर तिरंगा’ सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी ली और अभियान बोर्ड पर हस्ताक्षर भी किए। ‘भारत विभाजन की विभीषिका-स्मरण दिवस’ पर अपने दादा-दादी से जुड़ी स्मृतियां साझा करते हुए महापौर रोहरा कई बार भावुक हुए। उन्होंने कहा कि विभाजन भारतीय इतिहास का एक दर्दनाक अध्याय है। इस दिवस का उद्देश्य केवल उस त्रासदी को याद करना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर वर्तमान और भविष्य में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को विभाजन की पीड़ा और उसके दुष्परिणामों से परिचित कराते हुए ऐसा भारत बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जहां एकता, भाईचारा और परस्पर सम्मान सर्वोच्च मूल्य हों। देश की एकता और अखंडता को मजबूत रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उप संचालक जनसंपर्क शशि रत्न पाराशर ने प्रदर्शनी की जानकारी देते हुए बताया कि छायाचित्रों के माध्यम से देश की स्वतंत्रता यात्रा, राष्ट्रीय आंदोलन, तिरंगे के गौरव एवं महत्व, ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक एवं राष्ट्रजागरण में महत्वपूर्ण भूमिका तथा भारत विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा और विस्थापन की त्रासदी को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल घरों पर तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति गौरव, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अभियान है।
इसी तरह ‘वंदे मातरम्’ देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है। पाराशर ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान एवं संघर्ष को स्मरण करना है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसके संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

