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राजपुर में अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन की कार्रवाई, चार ठिकाने सील; दवाइयां जब्त

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राजपुर में अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन की कार्रवाई, चार ठिकाने सील; दवाइयां जब्त


राजपुर में अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन की कार्रवाई, चार ठिकाने सील; दवाइयां जब्त


राजपुर में अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन की कार्रवाई, चार ठिकाने सील; दवाइयां जब्त


राजपुर में अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन की कार्रवाई, चार ठिकाने सील; दवाइयां जब्त


राजपुर में अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन की कार्रवाई, चार ठिकाने सील; दवाइयां जब्त


बलरामपुर, 21 अगस्त (हि.स.)। बलरामपुर जिले में बिना पंजीयन और वैध चिकित्सकीय योग्यता के संचालित हो रहे क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। आज शुक्रवार को राजपुर क्षेत्र में संयुक्त टीम ने छापेमारी कर चार स्थानों पर संचालित अवैध चिकित्सा केंद्रों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में दवाइयां भी जब्त की गई हैं। संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बलरामपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से झोलाछाप चिकित्सकों के सक्रिय होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हाल ही में एक झोलाछाप के कथित इलाज के बाद तीन वर्षीय बच्चे की मौत के मामले ने भी स्वास्थ्य व्यवस्था और अवैध चिकित्सा कारोबार पर सवाल खड़े किए थे।

इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बलरामपुर ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध क्लीनिक और बिना पंजीयन चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ सघन जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

तहसीलदार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने की छापेमारी

राजपुर प्रभारी बीएमओ दीपक गुप्ता ने बताया कि राजपुर तहसीलदार प्रतीक जायसवाल, बरियों नायब तहसीलदार नरेंद्र कंवर, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में संचालित चिकित्सा केंद्रों की जांच की।

जांच के दौरान ग्राम परसागुड़ी में रमेश विश्वास, ग्राम चंद्रगढ़ में राहुल चौधरी और दीनानाथ तथा ग्राम खुमरी में जीत नारायण को बिना वैध चिकित्सकीय उपाधि और पंजीयन के लोगों का उपचार करते पाया गया।

टीम ने मौके से दवाइयां जब्त करने के साथ संबंधित प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। बीएमओ के अनुसार मामले में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

जिले में अवैध क्लीनिकों पर होगी कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में बिना आवश्यक अनुमति, पंजीयन और दस्तावेजों के संचालित चिकित्सा संस्थानों की पहचान की जा रही है। बिना मान्यता प्राप्त डिग्री या पंजीयन के चिकित्सा व्यवसाय करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से संस्थानों को सील करने की कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों को की गई कार्रवाई का संस्थानवार विवरण तैयार कर संबंधित कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

लापरवाही मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध चिकित्सा गतिविधियों के संबंध में किसी प्रकार की शिकायत या लापरवाही सामने आने पर संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए झोलाछाप चिकित्सकों और अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ जांच और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्रों में बिना वैध दस्तावेज के चिकित्सा सेवा देने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय