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चार मार्च को उमंग के साथ मनेगी होली, तैयारी पूरी

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चार मार्च को उमंग के साथ मनेगी होली, तैयारी पूरी


धमतरी, 02 मार्च (हि.स.)। फाल्गुन की मस्ती अब अपने चरम पर है। रंगों का त्योहार होली चार मार्च को पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। शहर में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई स्थानों पर आज देर शाम होलिका दहन होगा, जबकि कुछ स्थानों पर तीन मार्च को होलिका दहन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसे लेकर युवाओं की टोलियां तैयारियों में जुटी हुई हैं।

शहर के प्रमुख बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी जोरों पर है। गोल बाजार, सदर मार्ग, मठ मंदिर चौक, सिहावा चौक, रामबाग क्षेत्र, मकई चौक सहित विभिन्न इलाकों में दुकानों पर रंगों की बहार सजी है। छोटे बच्चों से लेकर युवाओं तक में रंग-बिरंगी पिचकारियों और हर्बल गुलाल को लेकर खास आकर्षण देखा जा रहा है। नगर में 300 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन की तैयारी की गई है। मोहल्लों में लकड़ी और कंडों का ढेर सजाकर पारंपरिक तरीके से होलिका सजाई जा रही है। सदर मार्ग स्थित गणेश चौक के पास होलिका दहन स्थल विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां लकड़ी और कंडों के ऊपर होलिका तथा भक्त प्रह्लाद की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गई है। यह सजावट राहगीरों और श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है।

शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ होलिका दहन किया जाएगा। इसके साथ ही लोग एक-दूसरे को बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देंगे और अगले दिन रंगोत्सव में जमकर रंग-गुलाल उड़ाएंगे।

ग्रहण के मोक्ष के बाद पूर्ण होंगी धार्मिक रस्में, तैयारी तेज

विप्र विद्वत परिषद के सदस्य पंडित राजकुमार तिवारी ने देव पंचांग के हवाले बताया कि इस बार होलिका दहन, चंद्रग्रहण और रंगोत्सव का क्रम कुछ अलग होगा। दो मार्च को होलिका दहन किया जाएगा, जबकि तीन मार्च को चंद्रग्रहण के कारण सूतक काल रहेगा। इसके उपरांत चार मार्च को पारंपरिक वसंतोत्सव और रंगों का पर्व मनाया जाएगा। पर्व को लेकर धमतरी शहर के युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

शुभ मुहूर्त और चंद्रग्रहण का समय

विप्न विद्वत परिषद के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा दो मार्च सोमवार को शाम 5:55 बजे से प्रारंभ होगी। शास्त्र सम्मत रूप से होलिका दहन का सबसे शुभमुहूर्त रात्रि 1:26 बजे से रात्रि 2:38 बजे तक रहेगा। इस समय भद्रापुच्छ का योग होने के कारण दहन करना श्रेयस्कर माना गया है। तीन मार्च को चंद्रग्रहण के चलते सुबह 9:07 बजे से सूतक लग जाएगा। ग्रहण का स्पर्श शाम 6:07 बजे और मोक्ष शाम 6:47 बजे होगा। ग्रहण की समाप्ति के पश्चात ही पर्व की धार्मिक औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। इसके अगले दिन यानी 4 मार्च को पूरे जिले में धूमधाम से धूलिवंदन और रंग पर्व मनाया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा