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बिलासपुर हिंसा सरकार की अक्षमता, गृहमंत्री नहीं संभाल पा रहे विभाग : भूपेश

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बिलासपुर हिंसा सरकार की अक्षमता, गृहमंत्री नहीं संभाल पा रहे विभाग : भूपेश


रायपुर, 29 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार काे बिलासपुर हिंसा को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने गृह मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय नहीं संभल रहा है और अपना जिला भी नहीं संभल रहा। भूपेश ने कहा कि “इसका मतलब यह है कि गृह मंत्री अक्षम हैं। स्थिति लाचार और खराब है, यह सिर्फ वसूली में लगे हैं।

उन्होंने कहा कि किसी पर आरोप लगा देना आसान है, लेकिन कार्रवाई करना अलग बात है। केवल आरोप लगाए जा रहे हैं। बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात दो पक्षों के विवाद के बाद स्थिति बिगड़ गई थी। कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी की बात फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसके बाद पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई। कई गाड़ियों, घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छोड़ी। पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी के सिर में चोट लगी। एक आरक्षक समेत कई लोग घायल हुए।

स्थिति को संभालने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह हेलमेट पहनकर मौके पर पहुंचे। जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ से अतिरिक्त बल बुलाया गया। तड़के करीब 4 बजे तक थाने और आसपास के इलाके में भीड़ जुटी रही।

पुलिस अब उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज खंगाल रही है। दोनों पक्षों के नामजद लोगों समेत अन्य आरोपिताें के खिलाफ बलवा, धारा 307 और धारा 191 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 144 लागू है। कलेक्टर और एसएसपी ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया।

भूपेश ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्री अपने काम का ठीक से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं और अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि मंत्री अपने कार्यों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं, अधिकारी इनकी बात नहीं सुन रहे हैं। दूसरी बात सरकार के पास पैसा नहीं है तो करेंगे क्या। खाली बैठे हुए हैं, कोई काम-धाम नहीं है।

देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई वाले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश को संविधान के अनुसार चलाया जाना चाहिए, धार्मिक ग्रंथों के आधार पर नहीं। उन्होंने कहा कि आप देश को संविधान के हिसाब से चलाना चाहते हैं या धार्मिक ग्रंथों के हिसाब से? धार्मिक ग्रंथों से हमें सीख मिलती है, पर देश तो संविधान के हिसाब से चलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल