अंबिकापुर : जब सिलमा गांव में अचानक उतरा मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर और राजेश की आंखों में आ गई चमक
अंबिकापुर, 03 मई (हि.स.)। सरगुजा के बतौली विकासखंड का छोटा सा गांव सिलमा आज उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर अचानक यहां के शांतिपारा में उतरा। यह कोई औपचारिक दौरा भर नहीं था, बल्कि 'सुशासन तिहार 2026' की वह जीवंत तस्वीर थी, जहाँ सत्ता खुद चलकर जनता के द्वार तक पहुँची।
मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल की बंदिशें तोड़कर ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर संवाद किया और उनकी समस्याओं को न केवल सुना, बल्कि मौके पर ही समाधान के आदेश भी दिए।
जन चौपाल के दौरान एक बेहद भावुक कर देने वाला पल तब आया जब सुआरपारा के राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक तंगहाली और बिजली बिल के बोझ का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए तत्काल राजेश का बिजली बिल माफ करने और उन्हें आर्थिक सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए, जिसे सुनकर राजेश की आंखें भर आईं।
मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन की मंशा केवल दफ्तरों में योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस 'सुशासन तिहार' का उद्देश्य उस पुरानी परिपाटी को बदलना है जिसमें जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे; अब प्रशासन खुद जनता के पास पहुंचेगा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि चौपाल में प्राप्त हर आवेदन का निराकरण एक निश्चित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से हो जाना चाहिए।
कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। मुख्यमंत्री ने गांव के विकास कार्यों का फीडबैक भी सीधे हितग्राहियों से लिया, जिससे यह साफ संदेश गया कि अब जवाबदेही और पारदर्शिता ही सुशासन का नया मानक होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

