home page

राज्योत्सव की प्रदर्शनी में दिखी स्वरोजगार, नवाचार और उद्यमिता की झलक

 | 
राज्योत्सव की प्रदर्शनी में दिखी स्वरोजगार, नवाचार और उद्यमिता की झलक


राज्योत्सव की प्रदर्शनी में दिखी स्वरोजगार, नवाचार और उद्यमिता की झलक

स्थानीय उत्पादों से लेकर स्टार्टअप योजनाओं तक की दी गई जानकारी, युवाओं और महिला उद्यमियों को किया प्रोत्साहित

धमतरी, 02 नवंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव के अवसर पर साेमवार काे आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की विकासपरक योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। इसी कड़ी में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की स्वरोजगार और उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं को प्रदर्शित करते हुए विशेष स्टॉल लगाया गया। इसमें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) तथा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 की सुविधाओं और संभावनाओं की जानकारी दी गई।

प्रदर्शनी के माध्यम से युवाओं, महिला उद्यमियों, किसानों और छोटे कारोबारियों को स्वरोजगार से जुड़ने तथा स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को तकनीकी जानकारी, कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी उन्नयन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन में मिलने वाली सहायता को विस्तार से बताया गया। स्टॉल में मिलेट्स आधारित उत्पादों, पारंपरिक खाद्य पदार्थों, लकड़ी से निर्मित वस्तुओं तथा बिलौना पद्धति से तैयार ए-2 देशी घी का प्रदर्शन किया गया। रामकृष्णा प्रोसेसिंग यूनिट सहित स्थानीय उद्यमों के उत्पादों के जरिए जिले में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों की संभावनाओं को भी दर्शाया गया।

वहीं छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के तहत वर्ष 2030 तक पांच हजार से अधिक नए पंजीकृत स्टार्टअप विकसित करने के लक्ष्य की जानकारी दी गई। पात्र स्टार्टअप के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड, छत्तीसगढ़ इनोवेशन चैलेंज के अंतर्गत 25 लाख रुपये तक अनुदान, ब्याज अनुदान, क्रेडिट गारंटी, पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन तथा विपणन सहायता जैसे प्रावधानों से अवगत कराया गया। प्रदर्शनी में महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग, दिव्यांगजनों, नक्सल प्रभावित परिवारों और सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी भी दी गई। युवाओं को हैकथॉन, कॉलेज इनोवेशन सेल और इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से अपने नए विचारों को व्यावसायिक उद्यम में बदलने के लिए प्रेरित किया गया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और संभावित उद्यमियों को शासन की योजनाओं से परिचित कराकर स्वरोजगार, नवाचार और उद्योग स्थापना की दिशा में प्रोत्साहित करना रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा