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उद्यानिकी फसलों का 31 अगस्त तक कराएं मौसम आधारित बीमा

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उद्यानिकी फसलों का 31 अगस्त तक कराएं मौसम आधारित बीमा


धमतरी, 20 अगस्त (हि.स.)। खरीफ मौसम 2026 में उद्यानिकी फसलों को विपरीत मौसम एवं प्राकृतिक जोखिमों से होने वाले नुकसान से सुरक्षा देने के उद्देश्य से राज्य शासन के कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा पुनर्गठित मौसम आधारित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई है। योजना के तहत जिले में अधिसूचित उद्यानिकी फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है।

सहायक संचालक उद्यान पूजा कश्यप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ मौसम में टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता एवं अमरूद को योजना में शामिल किया गया है। योजना के माध्यम से कम या अधिक तापमान, बीमारी के अनुकूल मौसम, कीट एवं व्याधियों का प्रकोप, लगातार अवर्षा तथा ओलावृष्टि सहित विभिन्न मौसम संबंधी जोखिमों से होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी। योजना ऋणी किसानों के लिए विकल्प चयन अर्थात बाहर रहने की प्रक्रिया के आधार पर लागू होगी। जो ऋणी किसान योजना में शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र के अनुसार हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि से कम से कम सात दिन पहले संबंधित वित्तीय संस्था में जमा करना अनिवार्य होगा।

निर्धारित समय में घोषणा-पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा उस मौसम के लिए स्वीकृत अथवा नवीनीकृत अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा। बैंक स्तर पर किसी प्रकार की चूक या त्रुटि होने पर स्वीकार्य बीमा दावों के भुगतान के लिए संबंधित बैंक उत्तरदायी होगा। खरीफ 2026 में ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के किसानों को अधिसूचित फसल के अनुसार निर्धारित कुल बीमित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत अथवा वास्तविक प्रीमियम, जो भी कम हो, किसान अंश के रूप में जमा करना होगा। अऋणी किसान फसल लगाने का स्वघोषित प्रमाण-पत्र, नक्शा-खसरा, आधार कार्ड तथा आईएफएससी कोड अंकित बैंक पासबुक की छायाप्रति प्रस्तुत कर फसल का बीमा करा सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय पर अपनी अधिसूचित उद्यानिकी फसलों का बीमा कराएं, ताकि प्राकृतिक एवं मौसमजनित जोखिमों की स्थिति में संभावित आर्थिक नुकसान से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा