बस्तर में गेबियन संरचना से थमा मिट्टी का कटाव, मृदा संरक्षण की मिसाल बना कुरमंडी नाला
जगदलपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में स्थित जनपद पंचायत बास्तानार की ग्राम पंचायत सिलकझोड़ी में जल एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी और अनुकरणीय पहल देखने को मिली है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलकझोड़ी के कुरमंडी नाला पार्ट-4 पर गेबियन संरचना का सफल निर्माण पूरा कर लिया गया है।
इस महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत 04 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसे 1.428 लाख रुपये की कुल लागत से 20 मई 2026 को सफलता पूर्वक संपन्न किया गया। इस परियोजना में निर्माण सामग्री तथा स्थानीय श्रमिकों के पारिश्रमिक के लिए उक्त व्यय किए गए।
कुरमंडी नाला क्षेत्र में लंबे समय से बारिश के दिनों में भारी जल प्रवाह के कारण आसपास की उपजाऊ भूमि का तेज कटाव हो रहा था, जिससे खेतों की उर्वरता प्रभावित होने के साथ-साथ जल संचयन भी नहीं हो पा रहा था। दुर्गम ग्रामीण अंचल होने के कारण कार्यस्थल तक निर्माण सामग्री पहुंचाना और नाले के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए मजबूत संरचना तैयार करना एक बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती से निपटने के लिए ग्राम पंचायत सिलकझोड़ी के नेतृत्व में तकनीकी अमले, ग्राम रोजगार सहायक और स्थानीय ग्रामीणों ने आपसी समन्वय के साथ पत्थरों और तारों की जाली से मजबूत गेबियन संरचना का निर्माण कराया।
इस संरचना के अस्तित्व में आने से अब नाले में पानी के तेज वेग को थामने में बड़ी सफलता मिली है। बहाव नियंत्रित होने से मिट्टी का अपरदन पूरी तरह रुक गया है और बारिश का पानी क्षेत्र में लंबे समय तक रुकने लगा है, जिससे भू-जल संवर्धन को भी नया जीवन मिला है। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार प्राप्त हुआ, जिससे परिवारों की आय में प्रत्यक्ष वृद्धि हुई।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले तेज बहाव में मिट्टी बह जाती थी, लेकिन अब गेबियन बनने से पानी और मिट्टी दोनों का ठहराव सुनिश्चित हुआ है, जो पूरे गांव के कृषि व पर्यावरण विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

