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अम्बिकापुर : करोड़ों के फर्नीचर घोटाले की जांच तेज, राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय में एसीबी की दबिश

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अम्बिकापुर : करोड़ों के फर्नीचर घोटाले की जांच तेज, राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय में एसीबी की दबिश


अम्बिकापुर : करोड़ों के फर्नीचर घोटाले की जांच तेज, राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय में एसीबी की दबिश


अम्बिकापुर, 24 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर स्थित जिला परियोजना कार्यालय, राजीव गांधी शिक्षा मिशन (समग्र शिक्षा) में साल 2011-12 में हुए करोड़ों रुपये के चर्चित फर्नीचर घोटाले की जांच अचानक तेज हो गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने आज बुधवार काे राजीव गांधी शिक्षा मिशन के कार्यालय में अचानक दबिश दी।

बताया जा रहा है कि विभाग द्वारा लंबे समय से मामले से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे, जिसके बाद टीम को यह कड़ा रुख अपनाना पड़ा।

कार्यालय पहुँचकर एसीबी की टीम ने फर्नीचर घोटाले से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है। टीम न केवल हार्ड कॉपी (भौतिक दस्तावेजों) की जांच कर रही है, बल्कि कंप्यूटर और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड्स (डिजिटल डॉक्यूमेंट्री) को भी बारीकी से खंगाल रही है। आवश्यक साक्ष्य जुटाने के लिए टीम द्वारा कई अहम दस्तावेजों को जब्त करने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।

गौरतलब है कि वर्ष 2011-12 में हुए इस बहुचर्चित फर्नीचर घोटाले में विभाग के 11 से 12 अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम सामने आए थे। इसके साथ ही इस भ्रष्टाचार में करीब 12 व्यावसायिक फर्मों की संलिप्तता भी उजागर हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120(बी) (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) की धारा 13(1) व 13(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। लंबे समय के बाद हुई इस बड़ी कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और जब्त दस्तावेजों के आधार पर जल्द ही संलिप्त लोगों पर बड़ी गाज गिर सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह