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देशी क्रॉप कटर से स्मार्ट कवच तक, बाल वैज्ञानिकों ने दिखाई नवाचार की ताकत

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देशी क्रॉप कटर से स्मार्ट कवच तक, बाल वैज्ञानिकों ने दिखाई नवाचार की ताकत


84 विज्ञान मॉडल में खेती, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के तकनीकी समाधान किए प्रस्तुत

धमतरी, 05 नवंबर (हि.स.)। किसानों के लिए कम खर्च में धान कटाई की मशीन तैयार करने से लेकर सीवर और खदानों में काम करने वाले कर्मचारियों को जहरीली गैस से बचाने के लिए स्मार्ट कवच बनाने तक, जिले के बाल वैज्ञानिकों ने अपनी कल्पनाशीलता और तकनीकी समझ का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के सिद्धांतों को दैनिक जीवन की समस्याओं से जोड़ते हुए ऐसे मॉडल प्रस्तुत किए, जो भविष्य में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

शहर के नूतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आज गुरुवार को जिलास्तरीय पश्चिम भारत बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, पश्चिम भारत विज्ञान मेला एवं विज्ञान नाटिका का आयोजन किया गया। इसका मुख्य विषय सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार रखा गया था। प्रदर्शनी में विकासखंड स्तर से चयनित 84 विज्ञान मॉडल प्रदर्शित किए गए। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण, गणितीय मॉडलिंग, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, स्वदेशी कृषि पद्धति, ग्रामीण परिवर्तन और आपदा प्रबंधन जैसे सात उपविषयों को शामिल किया गया।

देशी जुगाड़ से तैयार किया धान कटाई का उपकरण: प्रदर्शनी में मगरलोड विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भेंड्री के छात्र नमन साहू का बैटरी आधारित देशी क्रॉप कटर आकर्षण का केंद्र रहा। छात्र ने बताया कि किसान स्थानीय संसाधनों और कम लागत में इस मशीन को तैयार कर सकते हैं। इससे धान की कटाई का काम आसान होगा और महंगे कृषि उपकरणों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

जहरीली गैस से बचाएगा स्मार्ट कवच: डॉ. शोभाराम देवांगन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी के छात्र नामेश्वर कुमार सिन्हा ने सीवर और खदानों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए स्मार्ट कवच का मॉडल बनाया। रायपुर के एक अस्पताल के सीवरेज में हुई घटना से प्रेरित होकर तैयार इस मॉडल में एमक्यू-4 सेंसर लगाया गया है। यह जहरीली गैस की मात्रा बढ़ने पर अलर्ट देगा। इसके अलावा कर्मचारी के सीवर या खदान में फंसने की स्थिति में इसमें लगा पंखा हवा की आपूर्ति करने में मदद करेगा। छात्र ने कहा कि सीवर सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इस तरह के तकनीकी उपायों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

संभाग और राज्यस्तर पर पहुंचेगी प्रतिभाएं: जिला नोडल अधिकारी योगेश कुमार यदु ने बताया कि विज्ञान मॉडल के अलावा विज्ञान सेमिनार में 16, प्रश्नमंच में आठ, विज्ञान नाटक में चार, विज्ञान क्लब में चार, शिक्षण सहायक सामग्री (टीएलएम) में चार, विज्ञान प्रोजेक्ट में 20 और विज्ञान संगोष्ठी में आठ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। अब 13 नवंबर को कांकेर में जोनस्तरीय तथा 16 से 18 नवंबर तक रायपुर में राज्यस्तरीय प्रदर्शनी प्रस्तावित है। आयोजन में शिक्षक धनंजय सोनकर, परविंदर कौर गिल, ओमप्रकाश नाग, विभा गजपाल, हितांजलि साहू, अशोक सेन, मनोरमा खरया, ऋतु शर्मा, टिकेश्वर पांडेय, जेएल साहू, ग्रीष्मा कटहरे, एनके कहार, ललित नारायण साहू सहित जिले के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा