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सूर्य देवता के आशीर्वाद से मिल रही मुफ्त बिजली, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से 2,031 घर रोशन

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सूर्य देवता के आशीर्वाद से मिल रही मुफ्त बिजली, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से 2,031 घर रोशन


सूर्य देवता के आशीर्वाद से मिल रही मुफ्त बिजली, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से 2,031 घर रोशन


धमतरी, 17 सितंबर (हि.स.)। सूर्य की ऊर्जा को घरों की जरूरत से जोड़ने की दिशा में धमतरी जिला तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना से जिले में स्वच्छ ऊर्जा को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ा है। बिजली खर्च में राहत, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में शुरू की गई यह पहल अब शहरों के साथ गांवों तक भी पहुंच रही है। जिले में अब तक 2,031 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2024 को पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इससे पहले 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद एक करोड़ घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना की परिकल्पना सामने रखी गई थी। बाद में इसे पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना का स्वरूप दिया गया। केंद्र सरकार ने योजना के लिए 75,021 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और एक करोड़ परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पात्र परिवारों को तीन किलोवॉट तक के संयंत्र पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। धमतरी में योजना की प्रगति भी इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है। अगस्त 2026 तक जिले में 7,177 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 7,175 की फीजिबिलिटी स्वीकृत हुई। 6,034 हितग्राहियों ने वेंडर का चयन किया और 2,031 घरों में संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। स्थापना के बाद 1,938 प्रकरणों में निरीक्षण स्वीकृत हुआ है। 1,745 हितग्राहियों की सब्सिडी रिडीम हुई, 1,627 प्रकरणों में सब्सिडी स्वीकृत हुई और 1,555 हितग्राहियों को सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। जिले के सुदूर अंचल में भी योजना का अलग रूप देखने को मिल रहा है।

नगरी विकासखंड का ग्राम ठेनही जिले का पहला गांव बना है, जहां सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। गांव के 71 परिवारों के लिए दो-दो किलोवॉट क्षमता के हिसाब से कुल 142 किलोवॉट का सामूहिक सोलर प्लांट लगाया गया है। गांव से करीब 50 से 75 मीटर दूरी पर उपलब्ध भूमि पर स्थापित इस संयंत्र के लिए ग्रामीणों से कोई राशि नहीं ली गई है। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्युत उत्पादन और घरों में कनेक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कार्यपालन अभियंता विद्युत अनिल सोनी के अनुसार जिले के ऐसे 55 गांवों का चयन किया गया है, जहां पक्की छत वाले मकानों की उपलब्धता सीमित है और खपरैल वाले मकानों की संख्या अधिक है। इन गांवों में वेंडरों द्वारा सब्सिडी राशि के माध्यम से आवश्यकता के अनुरूप सामूहिक सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। ठेनही के ग्रामीण इंदर सिंह नेताम के अनुसार यह गांव के लिए खुशी और राहत का अवसर है। इससे बिजली बिल की चिंता कम होगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। नाथूकोना सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा को जनभागीदारी और स्थानीय जरूरतों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से ‘सोलर दीदी’ के पंजीयन एवं प्रशिक्षण की पहल भी की जा रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को सोलर उत्पादों और सेवाओं से जोड़ा जा सके। उन्हें संयंत्रों के संचालन, आवश्यक सावधानियों और ग्रामीण स्तर पर सौर सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। धमतरी में सौर ऊर्जा अब केवल बिजली का वैकल्पिक स्रोत नहीं रह गई है, बल्कि आर्थिक बचत, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण आजीविका और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने का माध्यम बन रही है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने योजना की प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा