दिव्यांगजनों के लिए निशुल्क कृत्रिम अंग वितरण शिविर का आयोजन पांच से सात अक्टूबर तक : तन्मय खन्ना
जगदलपुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना ने आज शनिवार काे पत्रकारवार्ता में कहा कि बस्तर जिले के दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 05 से 07 अक्टूबर तक जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर, धरमपुरा में निशुल्क दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया जाएगा।
नक्सल मुक्त बस्तर के बाद जिले में इस प्रकार का यह पहला विशेष महाशिविर आयोजित किया जा रहा है जिसमे सिर्फ जगदलपुर के ही नहीं, बल्कि कोंडागांव, कांकेर, एवं नारायणपुर जिलों के हितग्राहियो को लाभ मिलेगा । उन्हाेंने कहा कि शिविर विशेष रूप से उन दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण है, जो नक्सल हिंसा के कारण दिव्यांग हुए हैं। नक्सली हिंसा के दौरान आईईडी विस्फोट सहित विभिन्न घटनाओं में अपने हाथ-पैर गंवाने वाले पीड़ितों को निशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता प्रदान की जाएगी। शिविर के माध्यम से नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
सीईओ तन्मय खन्ना ने बताया कि शिविर भारतीय जैन संगठन, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर एवं एनएसई फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। शिविर में जिला प्रशासन बस्तर, जिला पंचायत जगदलपुर एवं समाज कल्याण विभाग का विशेष सहयोग रहेगा। शिविर में दिव्यांगजनों की आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम पैर, कैलिपर्स, बैसाखी, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, वॉकर, श्रवण यंत्र एवं कृत्रिम हाथ-पैर जैसे सहायक उपकरण निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए परीक्षण एवं वितरण की व्यवस्था की जाएगी। पहले से सहायक उपकरण उपयोग कर रहे दिव्यांगजनों के उपकरणों की आवश्यक मरम्मत तथा नए पात्र हितग्राहियों को उपकरण उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था रहेगी। शिविर का उद्देश्य केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को अधिक स्वतंत्र, आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन जीने में सक्षम बनाना है। विशेष रूप से नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए यह शिविर पुनर्वास के साथ-साथ एक नई शुरुआत का अवसर प्रदान करेगा।
उन्हाेने बताया कि दिव्यांगजन अपने साथ यूडीआईडी कार्ड अथवा दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज की 02 फोटो लेकर आएं। शिविर में दिव्यांगजनों के लिए निशुल्क भोजन एवं आवास की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता होने पर दिव्यांगजन अपने साथ एक अटेंडेंट भी ला सकते हैं। शिविर स्थल तक हितग्राहियों को लाने एवं वापस पहुंचाने के लिए भी संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था की जाएगी। शिविर के सफल आयोजन के लिए जिले के सभी जनपद पंचायतों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों एवं संबंधित विभागों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि नक्सल हिंसा सहित विभिन्न कारणों से दिव्यांग हुए जिले के अधिक से अधिक पात्र नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

