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बिना प्रमाण भाजपा पर आरोप लगाना भूपेश बघेल की राजनीतिक हताशा का प्रमाण : केदार कश्यप

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बिना प्रमाण भाजपा पर आरोप लगाना भूपेश बघेल की राजनीतिक हताशा का प्रमाण : केदार कश्यप


रायपुर, 22 अगस्त (हि.स.)। वन मंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि, सत्ता से बाहर होने के बाद भूपेश बघेल लगातार झूठ, भ्रम और तथ्यहीन आरोपों की राजनीति कर रहे हैं। एक ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री आवास से लेकर स्कूल, पेपर लीक, ट्रांसफर, खनिज, शराब और सट्टे तक हर विषय पर आरोप लगा देने से उनके पांच साल के शासन की नाकामियां छिपने वाली नहीं हैं।

मंत्री कश्यप ने कहा कि, भूपेश बघेल भाजपा सरकार से सवाल पूछने से पहले अपने पांच साल के कार्यकाल का हिसाब लेकर छत्तीसगढ़ की जनता के सामने आएं। प्रदेश की जनता ने कांग्रेस का शासन भी देखा है और उस दौरान गरीब, किसान, युवा और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर कांग्रेस सरकार का रवैया भी देखा है। आज विपक्ष में बैठकर जनता की चिंता का दिखावा करने से कांग्रेस के कार्यकाल की सच्चाई नहीं बदल जाएगी।

कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास को लेकर भ्रम फैलाने से पहले भूपेश बघेल को यह बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में गरीब परिवारों के आवास का मुद्दा लगातार क्यों अटका रहा। गरीब परिवार अपने पक्के मकान की प्रतीक्षा करते रहे और आज वही कांग्रेस प्रधानमंत्री आवास को लेकर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास बनाने में नाकामी के कारण भूपेश सरकार में उनके मंत्री ने इस्तीफा भी दे दिया था लेकिन भूपेश जी अड़े रहे कि क्योंकि योजना में प्रधानमंत्री शब्द जुड़ा है इसलिए कांग्रेस सरकार आवास नहीं बनने देगी। जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पहली ही कैबिनेट में सभी आवासों की स्वीकृति दे दी।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—हर पात्र गरीब परिवार को पक्की छत और सम्मानजनक जीवन मिले। उन्होंने कहा कि आवास के अलग-अलग चरणों, स्वीकृति, निर्माण और पूर्णता के आंकड़ों को राजनीतिक लाभ के लिए मिलाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश करना उचित नहीं है।

पेपर लीक के मामले पर मंत्री कश्यप ने कहा कि किसी भी परीक्षा की विश्वसनीयता और युवाओं का भविष्य सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मामले की जांच और तथ्य सामने आने से पहले ही नतीजे पर पहुंच जाने की भूपेश बघेल की हड़बड़ी दिखाती है कि कांग्रेस मानो जांच की घोषणा से डर गयी हो।

उन्होंने कहा की सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया। आरोपित गिरफ्तार कर लिये गए हैं। भूपेश बघेल द्वारा केवल भाजपा का नाम जोड़कर सनसनी पैदा करने की राजनीति नहीं चलेगी। हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है—दोषी कोई भी हो, कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी।”

शिक्षा विभाग में कथित ‘ट्रांसफर उद्योग’ के आरोप पर कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल को केवल राजनीतिक बयान देने के बजाय तथ्य और प्रमाण सामने रखने चाहिए। यदि किसी स्थानांतरण में अनियमितता की ठोस जानकारी उनके पास है तो सरकार और संबंधित संस्थाओं के सामने रखें।

उन्होंने कहा कि बिना तथ्य और बिना प्रमाण हर प्रशासनिक निर्णय को भ्रष्टाचार से जोड़ना आसान है, लेकिन प्रदेश की जनता अब आरोपों की राजनीति को अच्छी तरह समझती है।

स्कूलों की स्थिति पर लगाए गए आरोपों को लेकर मंत्री कश्यप ने कहा कि पांच वर्षों तक प्रदेश की सत्ता कांग्रेस के हाथ में थी। आज भूपेश बघेल जिन व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं, उनमें से अनेक विषयों की जिम्मेदारी उनके शासनकाल में भी उन्हीं की सरकार के पास थी।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थागत कमियों को दूर करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सिर्फ आंकड़े उछालकर भ्रम पैदा करने के बजाय कांग्रेस को बताना चाहिए कि पांच साल में उसने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कहां पहुंचाया।

खनिज संशोधन विधेयक को लेकर भूपेश बघेल के आरोपों पर कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों और प्रदेश के हितों की रक्षा भाजपा सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी विषय पर वास्तविक प्रभाव और तथ्यों का आकलन किए बिना राजनीतिक भय पैदा करना कांग्रेस की आदत बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हितों के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। सरकार प्रदेश के विकास, रोजगार और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेती है।

कश्यप ने कहा कि शराब और सट्टे जैसे विषयों पर आरोप लगाने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री को अपने शासनकाल में इन विषयों को लेकर उठे सवालों को भी याद करना चाहिए। पांच साल सत्ता में रहते हुए जिन सवालों के जवाब कांग्रेस नहीं दे पाई, आज उन्हीं विषयों पर भाजपा को घेरने का प्रयास राजनीतिक अवसरवाद से अधिक कुछ नहीं है।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल हर कुछ दिनों में आरोपों की नई सूची लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, लेकिन इससे कांग्रेस सरकार के पांच साल का रिकॉर्ड नहीं बदल सकता। उन्होंने कहा, “भूपेश बघेल को समझना चाहिए कि छत्तीसगढ़ की जनता राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, काम और परिणाम से सरकार का मूल्यांकन करती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर