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210 लीटर महुआ शराब के साथ कोपेडीह गांव के पांच ग्रामीण फिर गिरफ्तार, भेजे गए जेल

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210 लीटर महुआ शराब के साथ कोपेडीह गांव के पांच ग्रामीण फिर गिरफ्तार, भेजे गए जेल


धमतरी, 26 अगस्त (हि.स.)। महुआ शराब के अवैध निर्माण और बिक्री को लेकर भखारा थाना क्षेत्र का ग्राम कोपेडीह एक बार फिर चर्चा में है। भखारा पुलिस ने आज बुधवार काे गांव में अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर पांच ग्रामीणों के

कब्जे से 210 लीटर महुआ शराब बरामद की है। सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर

न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि धमतरी के साथ रायपुर और दुर्ग जिले तक महुआ शराब के लिए बदनाम हो चुके इस गांव में पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। गांव को नशामुक्त बनाने के लिए पहले भी पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान चलाकर ग्रामीणों को सलाह दी थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार जारी है।

अब भखारा पुलिस ने गांव में अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर पांच ग्रामीणों के कब्जे से 210 लीटर महुआ शराब बरामद की है। सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 26 अगस्त को भखारा थाना पुलिस की अलग-अलग टीमों ने ग्राम कोपेडीह में तीन स्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान गोवर्धन चंदेल (उम्र 40 वर्ष) के कब्जे से 50 लीटर और राम कुमार माथुर (उम्र 20 वर्ष) के कब्जे से 50 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। वहीं अशोक माथुर (उम्र 54 वर्ष) उसके पुत्र संदीप कुमार माथुर (उम्र 29 वर्ष) और सुनील कुमार माथुर (उम्र 35 वर्ष) के कब्जे से कुल 110 लीटर महुआ शराब बरामद हुई। इस तरह पुलिस ने कुल 210 लीटर महुआ शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 21 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार अशोक माथुर और उसके दोनों पुत्र महुआ शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त पाए गए हैं। तीनों सहित पांचों आरोपितों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया।

उल्लेखनीय है कि मई 2024 में तत्कालीन एसपी आंजनेय वार्ष्णेय के नेतृत्व में कोपेडीह को नशामुक्त बनाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया था। एक ही दिन करीब 200 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की टीम गांव पहुंची थी। उस दौरान 340 लीटर महुआ शराब जब्त करने के साथ 12 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी तथा करीब 50 क्विंटल लाहान नष्ट किया गया था। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने भी गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प जताया था, लेकिन समय बीतने के साथ अवैध कारोबार फिर पैर पसारता नजर आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में महुआ शराब की आसान उपलब्धता के कारण तीन जिलों के लोग यहां पहुंचते हैं। यही वजह है कि बार-बार पुलिस कार्रवाई के बावजूद कोपेडीह की पहचान महुआ शराब के अवैध कारोबार के लिए बनी हुई है। ताजा कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा